128 परिवारों को नहीं मिली एकमुश्त राशि
प्रभावित पंचायतों की परियोजना, सरकार और प्रशासन नहीं कर रही सुनवाई : सिंघा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। लूहरी विद्युत परियोजना से प्रभावित परिवार 26 नवंबर को निरमंड, रामपुर और कुमारसैन में प्रदर्शन करेंगे। यह निर्णय शनिवार को भद्राश में आयोजित हिमाचल किसान सभा एवं लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी की बैठक में लिया गया।
बैठक में परियोजना से प्रभावित किसानों के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई और लंबित मांगें पूरी न होने पर रोष जताया गया। इसके साथ ही 26 नवंबर को निरमंड, रामपुर और कुमारसैन में प्रभावित किसानों की समस्याओं को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन की रणनीति भी तैयार की गई।
किसान सभा के राज्य महासचिव राकेश सिंघा और लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी के महासचिव देवकी नंद ने कहा कि इस परियोजना से प्रभावित पंचायतों के किसानों को जो उम्मीदें थीं, उन पर यह परियोजना खरी नहीं उतर पाई है। इसके लिए प्रदेश सरकार, प्रशासन और सतलुज जल विद्युत निगम जिम्मेदार हैं।
उन्होंने बताया कि परियोजना निर्माण के लिए जिन परिवारों ने अपनी जमीन दी, उनमें से अब भी 128 परिवार ऐसे हैं जिन्हें एकमुश्त मुआवजा राशि और रोजगार नहीं मिला है। धूल से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा अब तक केवल देलठ, नीरथ और फाटी नित्थर पंचायतों में वर्ष 2021-22 तक ही दिया गया है, जबकि अन्य पंचायतों को अब तक नहीं मिला।
ब्लास्टिंग से मकानों में आईं दरारों का मुआवजा भी आज तक केवल देलठ, शमाथला और नीरथ पंचायतों में ही दिया गया है। किसानों की समस्याएं कई बार सरकार और प्रशासन के समक्ष उठाई जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर प्रभावितों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस अवसर पर कृष्णा राणा, प्रेम चौहान, रणजीत, हरदयाल कपूर, रिचा, कमलेश, चंपा, हीरा देवी, रेखा, अशोक, काकू कश्यप, जोगिंद्र, डोला राम, कृष्ण, चमन, देवेंद्र, ऋषि, नरेश और वीरेंद्र सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।