ब्रौ(रामपुर बुशहर)। निरमंड उपमंडल के विभिन्न इलाकों से इस वर्ष भी पिछले साल के रेट में सेब देश की विभिन्न मंडियों में भेजा जाएगा। प्रशासन, ऑपरेटर यूनियन और बागवानों की बैठक में विभिन्न मंडियों के लिए सेब ढुलाई के रेट तय किए गए हैं। किराये में बढ़ोतरी न होने से क्षेत्र के हजारों बागवानों को राहत मिली है।
एसडीएम निरमंड मनमोहन की अध्यक्षता में सेब सीजन को लेकर बैठक आयोजित हुई। बैठक में निरमंड उपमंडल के विभिन्न क्षेत्रों से आए बागवानों और ट्रांसपोटरों ने भाग लिया। बैठक में सेब सीजन के दौरान बागवानों के समक्ष पेश आने वाली समस्याओं को लेकर चर्चा की गई। बागवानों के साथ किराये में किसी तरह की लूट न हो, इसके लिए स्थानीय प्रशासन ने ट्रक, पिकअप ऑपरेटरों और बागवानों के साथ बैठक कर सेब भाड़ा न बढ़ाने का निर्णय लिया है।
बीते वर्ष और इस वर्ष डीजल के दामों में अधिक बढ़ोतरी न होने के कारण प्रशासन ने बीते वर्ष के माल भाड़े के हिसाब से ही इस वर्ष भी सेब की फसल भेजने के लिए रेट तय किए हैं। प्रशासन ने विभिन्न क्षेत्रों से ट्रक और पिकअप के जरिये सेब की पेटियों को भेजने के लिए किराये की सूची जारी की है। वहीं प्रशासन के इस फैसले के बाद हजारों बागवानों ने राहत की सांस ली है।
एसडीएम निरमंड मनमोहन ने बताया कि इस वर्ष पुराने वर्ष के रेट पर ही देश की विभिन्न मंडियों में सेब भेजा जाएगा। उन्होंने बागवानों से आह्वान किया है कि तंबूछाप आढ़तियों को सेब बेचने से बचें और पंजीकृत आढ़ती को ही अपनी फसल बेचें। उन्होंने कहा कि सेब ढुलाई को लेकर प्रशासन ने सूची जारी की है।
यह होगा विभिन्न क्षेत्रों से सेब भेजने का किराया
उपमंडल के रेमू, शोहच, चकलोट, बडग़ई, बाहवा और कथांडा से शिमला मंडी के लिए 70, सोलन 80, चंडीगढ़ 95 और दिल्ली का 120 रुपये प्रति पेटी किराया रहेगा। वहीं, अरसू, धार, चूनागई, मातला, खानीधार और ब्यूणी से शिमला 72, सोलन 82, चंडीगढ़ 97 और दिल्ली 112, सराहन, ठारला, बांदल, शारवी, कुटलनाला और शरशाह से शिमला 85, सोलन 95, चंडीगढ़ 110 और दिल्ली 135, बागीपुल, डीम, डमैहली और पचेंडा कैंची से शिमला 75, सोलन 85, चंडीगढ़ 100 और दिल्ली 125, उरटू, लांज, घाटू जांओ, शर्नी और धारा से शिमला 82, सोलन 92, चंडीगढ़ 107 और दिल्ली का 132 रुपये किराया प्रति पेटी निर्धारित किया गया है।