कई महीने से क्षेत्र में वारदात को दे रहे थे अंजाम, आज कोर्ट में पेश किए जाएंगे तीनों आरोपी
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मुख्य आरोपी कैलाश चोरी के मामलों में पहले भी हो चुका गिरफ्तार कोटखाई , ठियोग, देहा और सुन्नी में चोरी किए ट्रांसफार्मर संवाद न्यूज एजेंसी ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग और कोटखाई क्षेत्र में बिजली के ट्रांसफार्मर चोरी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है। कई महीनों से यह गिरोह बिजली के ट्रांसफार्मर चोरी कर रहा है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार है, जिन्हें शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। तीनों आरोपी सोलन जिले के रहने वाले हैं। आरोपियों की पहचान सोलन जिले के अर्की तहसील, कल्लेर गांव निवासी 37 वर्षीय कैलाश उर्फ कमलेश, ममलीग तहसील के बंजानी गांव निवासी 30 वर्षीय मानसू राम और बंजानी गांव के ही 38 वर्षीय नरेश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी कैलाश उर्फ कमलेश पहले भी कई चोरी मामलों में गिरफ्तार हो चुका है और अभी भी इसके खिलाफ विभिन्न मामले लंबित हैं।
उपमंडल ठियोग और कोटखाई क्षेत्र में लगातार ट्रांसफार्मर चोरी की वारदात के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। कोटखाई के थाना प्रभारी अंकुश ठाकुर के नेतृत्व में कांस्टेबल मनीष, हेमंत, बॉबी और अरुण की टीम ने महत्वपूर्ण साक्ष्यों के आधार पर इस गिरोह के तीन आरोपियों को धर-दबोचा। इन आरोपियों ने बीते दिनों कोटखाई (बगड़ा), कोटखाई टाहू और ठियोग क्षेत्र में ट्रांसफार्मर चोरी किए। इसके बाद देहा और सुन्नी में भी ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाओं में शामिल रहे। गिरोह की इन गतिविधियों के कारण स्थानीय लोगों, जल शक्ति विभाग और विद्युत बोर्ड को लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा था। ट्रांसफार्मर चोरी होने के कारण कई जगह बिजली को बहाल करने के लिए भी बोर्ड के कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसके अलावा कई पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई थीं। तीनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा-303(2) और 3 पीडीपी एक्ट के तहत पुलिस थाना कोटखाई में मामला दर्ज कर किया गया है। कोटखाई पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है। क्षेत्र वासियों ने ठियोग, कोटखाई पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है।
प्राथमिक पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि यह गिरोह ठियोग उपमंडल में दर्ज 3-4 अन्य मामलों में भी शामिल रहा है। पुलिस टीम अब इनके आपराधिक नेटवर्क, माल की बरामदगी और अन्य संभावित साथियों की पहचान में जुट गई है। सिद्धार्थ शर्मा, डीएसपी