आपदा से पहले रोजाना पहुंच रहे थे पांच सौ वाहन, अब मुश्किल से सौ तक पहुंचे रहे
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जिले के पर्यटन स्थल कल्पा, सांगला, छितकुल पड़े सूने
बीरबल नेगी
सांगला (किन्नौर)। प्रदेश में प्राकृतिक आपदा की मार से पर्यटन कारोबार घायल हो गया है। इसका किन्नौर जिले के पर्यटन कारोबार पर भी भारी असर पड़ा है। बीते सोमवार के बाद से जिले में पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई है। इससे पर्यटन गतिविधियों से जुड़े कारोबारियों और बेरोजगार युवाओं में मायूसी छाई है।
बीते सोमवार रात को प्रदेश के विभिन्न जिलों में बादल फटने के कारण आई बाढ़ से भारी क्षति पहुंची है। प्रदेश के मंडी, शिमला, धर्मशाला और कुल्लू में बादल फटने से आई बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है। इससे प्रदेश में उभर रहा पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है। इस आपदा से पहले बीते सप्ताह तक किन्नौर जिले में पर्यटक अधिक संख्या में पहुंच रहे थे। रोजाना पांच सौ वाहनों में पर्यटक किन्नौर पहुंच रहे थे। हजारों की संख्या में देश-विदेश के पर्यटक किन्नौर की मनोरम वादियों के नजारे ले रहे थे, लेकिन सोमवार के बाद से जिले के सांगला, कल्पा, रकछम, छितकुल, नाको, चांसू, भावावैली, काजा, ताबो सहित अन्य पर्यटन स्थल पर्यटकों के न आने से सूने पड़ गए हैं। अब मुश्किल से सौ तक पर्यटकों के वाहन पहुंच पा रहे हैं। हालांकि, किन्नौर जिले में बारिश और आपदा जैसी अभी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन फिर भी पर्यटक प्रदेश की अन्य घटनाओं को देखते हुए किन्नौर जिले में आने से बच रहे हैं।किन्नौर होटल एसोसिएशन अध्यक्ष शांता कुमार नेगी, हरविंदर सिंह नेगी, राजेश नेगी, प्रदीप नेगी, मोहन प्रकाश नेगी, मुकेश रोमधारी, दीपक नेगी सहित अन्य कारोबारियों ने बताया कि प्रदेश में हाल ही में हुई प्राकृतिक आपदा के कारण जो क्षति पहुंची है, उसे देखते हुए देश-विदेश के पर्यटकों की संख्या कम हुई है। जिले में खतरे की कोई बात नहीं है। मौसम सही है और पर्यटक यहां पहुंचकर पर्यटन गतिविधियों का लुत्फ उठा सकते हैं। संवाद
नदी-नालों से दूर रहने और ट्रेकिंग करने की दी हिदायत
जिला पर्यटन अधिकारी एवं एसडीएम कल्पा अमिक कल्थाइक ने बताया कि जुलाई में जिले में पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या कम हो गई है। रोजाना जहां 500 वाहनों में पर्यटक किन्नौर पहुंच रहे थे, वहीं अब 100 के करीब वाहन पहुंच रहे हैं। इससे पर्यटन कारोबार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने जिले में आने वाले पर्यटकों से बरसात के समय नदी नालों से दूर रहने और ट्रेकिंग पर जाने से बचने की हिदायत दी है।