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Rampur Bushahar News: तंग सड़क पर पिछला टायर हुआ बाहर और लुढ़क गई बस

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प्रत्यक्षदर्शी बोले, क्रैश बैरियर होते तो टल जाता हादसा, चार पलटे खाकर खेतों में पहुंची बस
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हादसे से पूर्व तीन बार रुकी बस, चालक ने नहीं किया गौर
तय समय से दो घंटा देरी से चली बस, ग्रामीणों ने बसों में सुधार की उठाई मांग
ननखड़ी की अधिकतर ग्रामीण सड़कें सुरक्षा के लिहाज से अब भी संवेदनशील

राजेंद्र ठाकुर
ननखड़ी (रामपुर बुशहर)। ननखड़ी के गरटोला में पेश आए बस हादसे के बाद क्षेत्र के लोग सहमे हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि तंग सड़क पर पहले पिछला टायर बाहर हुआ और फिर बस लुढ़क गई।
गनीमत रही कि जिस जगह यह बस दुर्घटना का शिकार हुई, वहां सेब के बगीचे और खेत थे। यदि यह हादसा यहां से 500 मीटर आगे और या पीछे पेश आता तो स्थिति काफी भयावह होती। इस हादसे के बाद परिवहन निगम की बस सेवाओं और सड़क पर सुरक्षा इंतजामों की मांग उठने लगी है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि ननखड़ी की अधिकांश ग्रामीण सड़कों पर सफर जोखिमों भरा बना हुआ है, जबकि सुरक्षा के लिहाज से क्रैश बैरियर के कोई इंतजाम आज दिन तक नहीं हो पाए हैं।
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रामपुर-खोलीघाट रूट पर चलने वाली बस सेवा बुधवार को गरटोला के पास हादसे का शिकार हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब यह बस गरटोला के समीप पहुंची तो बस का पिछला टायर सड़क से बाहर हो गया और बस अनियंत्रित होकर चालक की ओर से ऊपर उठ गई। इसके बाद बस अचानक पलटी और चार पलटे खाकर सड़क से करीब 100 फीट नीचे खेत में जा पहुंची। यदि सड़क पर क्रैश बैरियर लगे होते तो यह हादसा टल जाता और तीन लोगों को अपनी जान से हाथ न गंवाना पड़ता।
इस खड़ाहन से लेकर कोटाधार तक सड़क पर सुरक्षा के लिहाज से कोई इंतजाम नहीं हो पाए हैं। कई स्थानों पर डंगे गिरे हैं, जबकि कई स्थानों पर सड़क काफी संकरी है। हादसास्थल में भी सड़क काफी तंग है, जिस कारण बस चालक को संभलने तक का मौका नहीं मिल पाया। बस में सवार यात्री प्रदीप ने बताया कि रामपुर से खोलीघाट रूट पर चलने वाली बस का समय रामपुर से 3:00 बजे का है, जबकि यह बस तय समय से करीब 2 घंटा देरी से पहुंची। बुधवार शाम करीब 6:30 बजे जैसे ही बस गरटोला के समीप पहुंची तो हादसे का शिकार हो गई। उन्होंने बताया कि हादसे से पूर्व बस तीन जगह रूकी, लेकिन चालक ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इस रूट पर अकसर पुरानी और खटारा बसों को भेजा जा रहा है। उन्होंने भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए प्रदेश सरकार, परिवहन निगम और लोक निर्माण विभाग से सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने की मांग उठाई है।

क्या कहते हैं क्षेत्र के लोग
खड़ाहन निवासी दीवान ने बताया कि सड़क पर सुरक्षा के लिहाज से कोई इंतजाम नहीं है। इस सड़क पर कई स्थानों में डंगे गिरे हैं, जिस कारण हादसों का अंदेशा बना रहता है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग से सड़क पर कै्रश बैरियर लगाने और डंगों का निर्माण करने की मांग उठाई है।
शिल्ला गांव के बंटी ने कहा कि उक्त रूट पर परिवहन निगम हमेशा खटारा और पुरानी बसों को भेजता है, जिस कारण अकसर यात्रियों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने बस सेवाओं में सुधार कर बेहतर स्थिति वाली बसों को ग्रामीण रूटों पर भेजने की मांग की है।
दरोटी गांव के सूरज ने बताया कि क्षेत्र की तंगहाल सड़क पर हादसों का खतरा बना रहता है। खड़ाहन-कोटाधार सड़क को चौड़ा किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार के हादसे से बचा जा सके।
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अड्डू निवासी राजेश खूंद ने बताया कि ननखड़ी के ग्रामीण रूटों पर परिवहन निगम प्रबंधन पुरानी और जर्जर हालत वाली बसें चला रहा है, जो कभी भी हादसे का शिकार हो सकती हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार और परिवहन निगम प्रबंधन से मांग की है कि ग्रामीण रूटों पर अच्छी स्थिति वाली बसों को भेजा जाए।
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