ग्रामीण पैदल सफर करने को मजबूर, बारिश से बार-बार सड़क पर आ रहा मलबा
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संवाद न्यूज एजेंसी आनी (कुल्लू)। आनी से वाया कोठी होकर टकरासी जाने वाली सड़क एक महीने से बंद है। इस कारण पांच पंचायत के ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।पंचायत समिति सदस्य पूर्ण ठाकुर, सेवानिवृत्त सूबेदार डोला सिंह चौहान, टकरासी नाग देवता के गुर रमेश कुमार, उत्तम सिंह राणा, रमेश, गुरदयाल, कुमार सिंह, तारा चंद, हीरू राम, राजेंद्र कुमार, गंगा राम, तिलक राज, दीवान चंद, टेक चंद, ओम प्रकाश, पूने राम और नेत्र सिंह सहित क्षेत्र के सैकड़ों बागवानों व दुकानदारों का कहना है कि आनी से टकरासी सड़क जगह-जगह भूस्खलन से बाधित है। इस कारण ग्रामीणों को पैदल सफर करना पड़ रहा है। हालांकि, बीच-बीच में सड़क को छोटे वाहनों के लिए बहाल किया जाता है, लेकिन हल्की सी बारिश आने पर फिर से मलबा सड़क पर आ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बंद रहने से एक बच्ची को समय पर इलाज न मिलने के कारण अपनी जान भी गंवानी पड़ी, वहीं इलाके की दुकानों में राशन की गाड़ियां न पहुंचने से कई घरों में राशन समाप्त होने लगा है। ग्रामीणों ने बताया कि जीरो प्वाइंट निनवी से सिनवी तक जिस ठेकेदार के अधीन सड़क है, वह सड़क से मलबा नहीं हटा रहा, जबकि सड़क पर कीचड़ भर गया है और वाहनों का चलना मुश्किल हो गया है। भारी मलबा आने से सड़क लगातार बंद पड़ी है और सफाई कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। फलस्वरूप, क्षेत्र के दुग्ध उत्पादकों का दूध भी 5 जुलाई से दूध की गाड़ी न आने के कारण मिल्क प्लांट तक नहीं पहुंचा, जिससे लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। टकरासी से डेढ़ किलोमीटर दूर शुष की ओर सड़क पर बड़े पैमाने पर मलबा पड़ा है, जिसे हटाने आई जेसीबी मशीन काम पूरा किए बिना लौट गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र प्रभाव से सड़क को बहाल किया जाए ताकि जनजीवन सामान्य हो सके।
छोटे वाहनों के लिए सड़क बहाल
लोक निर्माण विभाग के आनी उपमंडल के सहायक अभियंता मनीष कुमार ने बताया कि टकरासी सड़क बहाली को लेकर बार-बार मशीन भेजी जा रही है। उस क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है और पहाड़ी से मलबा गिर रहा है, जिससे सड़क बार-बार बंद हो रही है। छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए सड़क बहाल कर दी गई है।