नित्थर की ग्राम पंचायत नित्थर और देहरा की महिलाएँ ई मार्ट भारत से जुड़ने क बाद सामुहिक चित्र
रेशम उगाकर महिलाएं कर सकती है अपनी आर्थिकी को मजबूत : पूनम
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)।
नित्थर और देहरा पंचायत में मंगलवार को ई मार्ट भारत से जुड़ी महिलाओं को शहतूत के पौधे वितरित किए। नित्थर क्षेत्र के हर महिला मंडलों में 50-50 शहतूत के पौधे बांटे गए। ई मार्ट भारत की जिला कुल्लू की प्रमुख पूनम शर्मा ने कहा कि पौधे उन महिलाओं को दिए गए हैं, जो नालागढ़ और पालमपुर के दौरे पर गई थीं। महिलाओं ने रेशम की खेती के बारे में जानकारी हासिल की है। उन्होंने कहा कि पौधों को बांटने का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को रेशम के उत्पादन के बारे में जागरूक करना है। शहतूत का पौधा कई तरह से उपयोगी है। शहतूत का फल खाने के काम आता है और पत्तियां रेशम कीट पालन में उपयोग होती हैं। इसके अलावा लकड़ी का उपयोग फर्नीचर और ईंधन बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। शहतूत के पौधे के विभिन्न भागों का उपयोग आयुर्वेदिक दवाओं में भी किया जाता है। ई मार्ट भारत के माध्यम से बेचा जा सके और आर्थिकी का एक बेहतर विकल्प बने। उत्पादन कर देश की हजारों महिलाएं आत्मनिर्भर बन गई हैं और कई बन रही हैं। कई घरेलू उत्पाद तैयार कर ई मार्ट भारत में बेच सकते हैं। इस दौरान ई मार्ट भारत के सदस्य सिकंदर ठाकुर भी उपस्थित रहे।