सराहन के दशहरा मेले में नाचते गाते मेला स्थल पर पहुंचे देवता। संवाद
राजदबार में शोक के कारण मचखंडी के पास लगा मेला
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। सराहन दशहरा मेला दूसरे दिन भी नाटी के लिए पर्याप्त स्थान न होने से फीका रहा। राजदरबार शांति कुंज में शोक के कारण सोमवार को भी सन्नाटा छाया रहा। देवता संग देवलू सराहन बाजार से ढोल नगाड़ों की धुन में नाचते गाते मचखंडी तक ही पहुंचे। जहां कुछ देवलूओं ने सेब के बगीचे में ही तंग जगह पर नाटी लगा मेला लगाया। आम लोगों को जगह तंग होने के कारण नाटी लगाने से वंचित रहना पड़ा।
दशहरा मेले में आए क्षेत्र के रमेश, पवन, सुंदर, हेमा, सुनीता, शांता और सुमन ने बताया कि राजदरबार के प्रांगण में शोक की वजह से मेला न लगने के कारण दशहरा मेला फीका ही लग रहा है। मेले में नाटी लगाने की मंशा से आए लोगों को नाटी न लगने से निराशा लगी। हालांकि सराहन दशहरा मेले में दत्त महाराज बसाहरा, महारूद्र गसो, बोंडा नाग, लक्ष्मी नारायण मंझगांव, निन्सु देवता धराली, लाहरुवीर गानवीं, कुंद्रा नाग कुन्नी, नाग देवता खरगा सहित रामपुर, कुल्लू और किन्नौर जिला के डेढ़ दर्जन देवी देवता शरीक हुए हैं। सराहन बाजार में बाहरी और स्थानीय सैकड़ों दुकानदारों ने दुकानें सजाई हुई है, लेकिन मेले के लिए दूसरा कोई विकल्प न होने से दशहरे की रौनक फीकी ही रही।