पांच मंजिला भवन में मिलेगी आपात और गंभीर रोगों से ग्रसित मरीजों को सुविधाएं
बीरबल नेगी
सांगला (किन्नौर)।
जनजातीय जिले के लोगों को जल्द ही आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ में क्रिटिकल केयर ब्लॉक निर्माण किया जाएगा। इस पर 16.19 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस क्रिटिकल केयर ब्लॉक में आपात और गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीजों को 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएंगी। इसके बनने के बाद इमरजेंसी में मरीजों को रामपुर, शिमला और चंडीगढ़ नहीं भेजना पड़ेगा।नेशनल हेल्थ मिशन योजना के तहत क्रिटिकल केयर ब्लॉक के लिए भवन के निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है। निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। 50 बिस्तरों की सुविधा वाले इस क्रिटिकल केयर ब्लॉक के बनने के बाद जिले के कल्पा, पूह और निचार तीनों खंडों की 73 पंचायतों के ग्रामीणों समेत काजा और स्पीति के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलेगा। चिकित्सा उपकरणों से लैस पांच मंजिला इस भवन में लिफ्ट, कॉरिडोर, आइसोलेशन वार्ड, नर्स चेंजिंग रूम, चिकित्सकों के ड्यूटी रूम, थैरेपीयूटिक आइसोलेशन वार्ड, महिला-पुरुष डायलिसिस यूनिट, रेड एंड येलो जोन, आइसोलेशन, आईसीयू, एनेस्थेटिक बफर क्षेत्र इंजेक्शन रूम, अल्ट्रासाउंड रूम, पुलिस असिस्टेंट रूम समेत कई स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। क्रिटिकल केयर ब्लॉक में जानलेवा बीमारियों या चोटों से पीड़ित गंभीर मरीजों के लिए केंद्रित गहन और उन्नत चिकित्सा देखभाल मिलेगी। इस ब्लॉक में विशेष उपकरण, मशीनें और जीवन रक्षक सुविधाएं होती हैं। ऑक्सीजन सपोर्ट, वेंटिलेटर और मरीज की निरंतर निगरानी के लिए प्रशिक्षित डॉक्टरों और कर्मचारियों की टीम 24 घंटे तैनात रहती है।
मरीजों को आईजीएमसी नहीं जाना पड़ेगा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी किन्नौर डॉ. आरके नेगी ने बताया कि क्रिटिकल केयर ब्लॉक के बनने से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। जिले के लोगों को पहले की तरह ढाई सौ किलोमीटर दूर आईजीएमसी शिमला और रामपुर नहीं जाना पड़ेगा।
दो साल में बनेगा भवन
लोक निर्माण विभाग कल्पा के अधिशासी अभियंता डीके सेन ने बताया कि इसी महीने से भवन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। दो साल के भीतर भवन निर्माण का कार्य पूरा होगा।