प्रतिनियुक्ति के सहारे चल रहा पशु औषधालय कंडी
समय पर टीकाकरण न होने से बांझ हो रहीं गाय
आपात स्थिति में पशुपालक 50 से 60 किलोमीटर दूर जाने के लिए मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)। रामपुर खंड की दुर्गम पंचायत काशापाट के पशु औषधालय कंडी में स्टाफ की कमी की मार हजारों पशुपालकों पर पड़ रही है। समय पर उपचार न मिलने और टीकाकरण न होने के कारण गाय बांझपन का शिकार हो रही हैं। इससे पशुपालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आपात स्थिति में पशुपालकों को 50 से 60 किलोमीटर दूर की दौड़ लगानी पड़ी रही है। उन्हें चिकित्सक और दवाइयां का जुगाड़ करने के लिए टैक्सियों में भारी भरकम राशि खर्च करनी पड़ रही है। कई साल से पशु औषधालय कंडी में फार्मासिस्ट सहित अन्य पद रिक्त हैं। औषधालय प्रतिनियुक्ति के सहारे चल रहा है। पंचायत क्षेत्र के हजारों पालतू पशुओं के स्वास्थ्य की देखरेख समय रहते न होने से क्षेत्र के लोगों में प्रदेश सरकार और पशुपालन विभाग की लचर कार्यशैली के प्रति खासा रोष व्याप्त है। जानकारी के मुताबिक पशु औषधालय में प्रतिनियुक्ति के तहत कर्मचारी भेजे जा रहे हैं। क्षेत्र के सैकड़ों पशु पालकों का कहना है कि मात्र खानापूर्ति की जा रही है।
समय रहते पशुओं को टीकाकरण जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध न होने से पशुपालकों की कई जर्सी गाय बांझपन की शिकार होने के कगार पर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और विभाग की लापरवाही का खामियाजा सैकड़ों पशुपालकों को उठाने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है।
काशापाट पंचायत की पूर्व प्रधान पुष्पा सनाटू ने कहा कि पशु औषधालय में स्टाफ की तैनाती का मामला कई मर्तबा अधिकारियों और सरकार के समक्ष पंचायत के माध्यम से उठाया जा चुका है। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पशु औषधालय से पंचायत क्षेत्र के गांव सारी, पूनण, पाट, छलटा और काशा के हजारों पशुपालक लाभान्वित होते हैं।