आनी मेले में कम सजीं दुकानें, लोगों की भी नहीं उमड़ी भीड़
पाकिस्तान के साथ हुए तनाव के चलते लोग कम संख्या में पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। जिला स्तरीय आनी मेला जहां धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से आकर्षण का केंद्र बना रहा, वहीं व्यापारिक दृष्टि से निराशाजनक रहा। इस बार मेले में जहां पांच के बजाय छह देवताओं ने शिरकत कर मेले की गरिमा बढ़ाई, वहीं बाहर से आए व्यापारियों की संख्या में कमी देखी गई। साथ ही आम जनता की भागीदारी भी अपेक्षाकृत कृत कम रही। इससे मेला बाजार की रौनक फीकी नजर आई।
चार दिवसीय इस मेले में स्थानीय महिला मंडलों और स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से माहौल को जीवंत बनाए रखा। वहीं मेला कमेटी की ओर से तीन रात्रि सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन भी किया जा रहा है। इसमें कलाकार प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि बीते दो दिनों से पाकिस्तान के साथ बढ़े तनाव और सीमा पर हो रहे हमलों के चलते क्षेत्र के कुछ लोग सोशल मीडिया पर सांस्कृतिक आयोजनों को रद्द करने की मांग भी कर रहे थे। उनका कहना है कि ऐसे समय में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन असंवेदनशीलता दर्शाता है। व्यापारियों की मानें तो इस बार न केवल दुकानों की संख्या कम है, बल्कि बिक्री भी काफी प्रभावित हुई है। इसका एक बड़ा कारण मेले में आई भीड़ की कमी को माना जा रहा है, वहीं कुछ व्यापारियों की मानें तो उनसे कमेटी द्वारा किराया अधिक वसूले जाते हैं। ऐसे में कई व्यापारी निराश नजर आए।