रामपुर बुशहर। करीब छह माह बाद वीरवार को रामपुर के प्रसिद्ध मां भीमाकाली, श्राईकोटी और मां महर्षि मर्दिनी महालक्ष्मी मंदिरों के कपाट खुल जाएंगे। कोरोना महामारी के बीच मंदिर कमेटियों को प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। मां भीमाकाली मंदिर सराहन में सुबह 6 बजे पुजारी पूजा-अर्चना करेंगे। इस दौरान किसी भी श्रद्धालु की आवाजाही पर रोक रहेगी। सुबह सात से आठ बजे तक श्रद्धालु माता के दर्शन कर पाएंगे। इसके बाद नौ बजे फिर पूजा होगी और इसके बाद शाम साढ़े छह बजे तक भक्तों को माता के दर्शन करने की अनुमति रहेगी। शाम सात बजे मंदिर के कपाट भक्तों के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
एसडीएम सुरेंद्र मोहन ने बताया कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को टोपी मंदिर ट्रस्ट मुहैया नहीं करवाएगा। मंदिर आने वाले लोगों को रुमाल या फिर अपनी टोपी पहनकर आना होगा। मंदिर परिसर को समय-समय पर सैनिटाइज करने के निर्देश दिए गए हैं। मंदिर पहुंचने वाले सभी श्रद्धालुओं के पंजीकरण के लिए रजिस्टर लगाने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही मंदिर में पेयजल व्यवस्था बनाने और किसी भी स्थान पर थूकने पर मनाही होगी। एसडीएम ने मंदिर ट्रस्ट को साफ निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं की जागरूकता के लिए विशेष निर्देशों को बोर्ड लगाकर प्रदर्शित किया जाए। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन करने के लिए सीमित अवधि रखने, धूप बत्ती और प्रसाद चढ़ाने पर मनाही होगी। जो कोई श्रद्धालु धनराशि या फिर कोई अन्य सामान चढ़ाना चाहे, तो उसे दानपात्र की उपलब्धता कराई जाएगी। यही नियम क्षेत्र के अन्य मंदिरों पर भी लागू होंगे। एसडीएम ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में भी व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित तहसीलदार को निर्देश दिए गए हैं। कोरोना संक्रमण को लेकर सरकार की ओर से जारी किए गए नियमों के पालन करने के बाद ही मंदिरों में दर्शन करने की इजाजत रहेगी। मंदिरों में प्रसाद और धूप बत्ती चढ़ाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। उपमंडलाधिकारी रामपुर सुरेंद्र मोहन ने बुधवार को मां भीमाकाली मंदिर ट्रस्ट और विभिन्न मंदिर कमेटियों के सदस्यों के साथ बैठक कर सरकार के निर्देशानुसार व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।