सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिले की पुलिस अब हथियारों से लैस होकर गश्त पर निकलेगी। जिले के छह पुलिस थानों, नौ चौकियों, बैरियरों और चेकपोस्टों में तैनात पुलिस कर्मचारी प्रदेश के अन्य जिलों की तर्ज पर हथियारों से लैस होकर ड्यूटी देगी। आए दिन बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए हिमाचल प्रदेश के डीजीपी ने एक अगस्त से ये आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा है कि पुलिस के जवान देश की रक्षा के साथ-साथ अपनी सुरक्षा, नाके और गश्त के दौरान अपनी उपस्थिति हथियारों से लैस होकर ही दर्ज करवाएंगे।
गौरतलब है कि इन दिनों किन्नौर जिले के पुलिस कर्मी गश्त, नाका और पेट्रोलिंग के दौरान हथियारों और पोलो स्टिक के साथ ही अपनी ड्यूटी दे रहे हैं। जिला मुख्यालय रिकांगपिओ, सांगला, भावानगर, टापरी, कड़छम, पूह, मूरंग, नमज्ञा, कल्पा, निचार सहित जिले के विभिन्न पुलिस थानों और चौकियों सहित बैरियरों और चेकपोस्टों में हथियारों के साथ लैस होकर पुलिस कर्मी अभ्यास करने में जुटे हैं।
एसपी एसआर राणा ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि अब पुलिस के जवान खासकर गश्त के दौरान अब बिना हथियार के नहीं होंगे। स्पेशल लॉ एंड ऑर्डर के मुताबिक पुलिस कर्मी हथियारों से लैस होकर अपनी सेवाएं देंगे। जनजातीय जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत है। जिले के सभी पुलिस थानों, चौकियों, बैरियरों और चेकपोस्टों में तैनात पुलिस कर्मचारी अब पहले से अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे।