रिकांगपिओ (किन्नौर)। टीबी मुक्त अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने पर किन्नौर जिले को रजद पदक से नवाजा गया है। जिले में करीब 40 फीसदी मामले कम होने पर यह इनाम मिला है। जानकारी के अनुसार डब्ल्यूएचओ और सेंटर डिवीजन ने मिलकर सब नेशनल सर्टिफिकेशन के लिए 21 फरवरी से 13 मार्च तक जिला किन्नौर के चयनित 5 गांवों में राष्ट्रीय स्तरीय सर्वे किया था। सर्वे के दौरान 7687 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई। इसमें 460 लोगों के थूक जांच की गई। इसमें क्षयरोग के सिर्फ 2 नए मामले आए हैं।
सर्वे में टीबी के मामले कम होने पर किन्नौर को रजत पदक मिला है। सीएमओ किन्नौर डॉ. रोशनलाल ने बताया कि जिले में सब नेशनल सर्टिफिकेशन के लिए हाल ही में राष्ट्रीय स्तरीय सर्वे हुआ था। सर्वे टीम ने स्वयं पांच गांवों को चयनित किया गया था। 21 फरवरी से 13 मार्च तक टीम ने नमज्ञा, मूरंग, शोंग, चगांव और कंगोस गांव में वालंटियर के जरिये सर्वे हुआ। इसकी निगरानी डब्ल्यूएचओ और सेंटर डिवीजन ने खुद की।
इसमें 7687 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इसमें 460 लोगों के थूक की जांच की गई। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जिला किन्नौर को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रजत पद से नवाजा गया है। गत वर्ष हुए सर्वे में जिले को कांस्य पदक मिला था। इस वर्ष जिले में 40 प्रतिशत मामले कम हुए हैं। इसको देखते हुए जिले को रजत पदक से नवाजा गया है। विभाग को 3 लाख रुपये इनाम भी दिया जाएगा।
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किन्नौर जिले में बीते 6 वर्ष में क्षय रोग के 1,169 मरीज पाए गए। वर्ष 2016 में 216 क्षय मरीज, 2017 में 147, 2018 में 202, 2019 में 221 क्षय मरीज, 2020 में 190 क्षय रोगी और 2021 में 193 क्षय मरीज। जिला क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ के अनुसार क्षय रोगियों के मामले कम आ रहे हैं। इसलिए इस वर्ष रजत पदक मिला है।