सांगला(किन्नौर)। किन्नौर जिले के टापरी, चगांव, उरनी, यूला और मीरू को जोड़ने वाली एकमात्र टापरी वाया उरनी चोलिंग वैकल्पिक सड़क की हालत दयनीय बनी हुई है। बीते लंबे समय से सड़क की सुध नहीं ली जा रही है। मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे पड़े हैं। ग्रामीण खतरे के साये में सफर करने को मजबूर हैं।
उक्त वैकल्पिक मार्ग पर करीब 12 वर्षों से टापरी की तरफ से वाया उरनी के बांगलोदेन से होते हुए यूला, मीरू तक गड्ढे पड़े हैं। करीब 20 किलोमीटर मार्ग की दशा बद से बदतर बनी हुई है। सड़क पर सेब सीजन के दौरान भारी भरकम ट्रकों सहित कई अन्य वाहनों के लगातार चलने से जगह-जगह गड्ढ़े पडे़ हुए हैं। ऐसे में सड़क पर सफर करना जोखिम भरा है। पूर्व प्रधान चगांव वीर सिंह नेगी, सत्या देवी नेगी, किसान खेत खलिहान मजदूर संघ जिला अध्यक्ष अनिल नेगी, कांग्रेस कमेटी जिला सचिव एवं पूर्व प्रधान उरनी सुनील नेगी और उपप्रधान उरनी सुरेश नेगी सहित कई अन्य ग्रामीणों ने कहा कि उक्त सड़क की टापरी से यूला, मीरू तक हालत दयनीय है। लोनिवि गड्ढों को भरने में गंभीर नहीं है, जिसका खामियाजा जिले के निचार खंड के चगांव, यूला, मीरू और उरनी चार पंचायतों के हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने सड़क की हालत सुधारने की मांग उठाई है।
उधर, लोक निर्माण विभाग टापरी के एसडीओ विद्या कुमार नेगी ने कहा कि सड़क निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर विभाग की ओर से ठेकेदार को बार-बार नोटिस दिए गए हैं। कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।