संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। शिक्षा सत्र को शुरू हुए बीस दिन का समय निकल गया है। अभी तक शिक्षा बोर्ड के बुक डिपुओं से छात्रों को चौथी कक्षा की हिंदी की किताब उपलब्ध नहीं हो रही है। निजी स्कूलों को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि पहली से ही बोर्ड की ओर से निर्धारित पाठ्यक्रम की पुस्तकें पढ़ाना अनिवार्य की जाएं। बोर्ड के निर्देश के बाद निजी स्कूलों ने बाजार के बुक डिपुओं से निर्धारित पाठ्यक्रम की पुस्तकें खरीदनी शुरू कर दी हैं। पता चला कि रोहड़ू उपमंडल में अधिकांश निजी और सरकारी स्कूलों को चौथी कक्षा की हिंदी पुस्तक उपलब्ध नहीं हो रही है। बिना किताब स्कूल में छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। स्कूल को खुले करीब 18 दिन कर समय निकल गया है। एक मार्च से अधिकांश स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गई है। रोहड़ू, चिड़गांव सहित आसपास के सभी बुक सेलर कह रहे कि हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड के डिपुओं से अभी तक चौथी कक्षा की हिंदी की पुस्तक उपलब्ध नहीं हो रही। इसके लिए वे एडवांस में मूल्य देने को तैयार है। पुस्तक विक्रेताओं का कहना है कि उनके पास निजी स्कूलों से इसकी मांग आ रही है। स्कूलों को पाठ्यक्रम की बाकी पुस्तकें उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक हिंदी की पुस्तक नहीं मिली है। शिक्षा बोर्ड उल्टा निजी स्कूलाें व पुस्तक विक्रेताओं को झूठा बता रहा है। यहां तक कि हिमाचल शिक्षा बोर्ड के स्थानीय डिपुओं में तैनात कर्मचारियों ने बताया कि उनके पास सभी पुस्तकें उपलब्ध हैं, लेकिन इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए बोर्ड से अधिकृत नहीं है।
हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि वे कार्यालय से बाहर फील्ड में गए हैं। हिमाचल शिक्षा बोर्ड के उप सचिव प्रकाश ने बताया कि उनके पास पर्याप्त स्टाॅक है। उनको इस प्रकार की कोई शिकायत नहीं मिली है।