सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर की ऊंची चोटियों पर मंगलवार को फिर से हल्की बर्फबारी हुई। अधिकांश ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। जिले में कई जगह अभी 15 से 20 प्रतिशत सेब बगीचों में ही है।
ऐसे में बागवानों को नकदी फसल को लेकर चिंता सताने लगी है। मंगलवार को जिला मुख्यालय रिकांगपिओ के सामने किन्नर कैलाश, जौरखंडन, छितकुल की थौला पहाड़ियां, सांगला कंडा, भावावैली की ऊंची चोटियों, रियोपुरगिल, पूह, निचार और कल्पा खंड के अधिकांश ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा हिमपात हुआ है। जबकि, निचले इलाकों में बारिश का दौर रहा। प्रमुख पर्यटन स्थल कल्पा का अधिकतम तापमान 15 डिग्री और न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, सांगला का अधिकतम तापमान 12 डिग्री और न्यूनतम तापमान 1.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। समय से पहले बर्फबारी होने से जिले के किसान बागवान चिंतित हैं। रकछम, बटसेरी, सांगला, लिप्पा, आसरंग, लियो, नाको, हांगो, रोपावैली, रिब्बा, रिस्पा नेसंग, नाको, चांगो, पूह कंडा, शलखर सहित जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में 20 प्रतिशत सेब की फसल अभी बगीचों में ही पड़ी हुई है। बागवान राजकमल नेगी, दीपसागर नेगी, प्रमोद नेगी, दीपक नेगी, राजेश नेगी, दिव्या नेगी, सुरजीत नेगी, अरुण नेगी, महेंद्र नेगी, प्रताप सिंह लोक्टस सहित अन्य बागवानों ने कहा कि समय से पहले हो रही बर्फबारी से सेब सहित अन्य फसलों को संकट खड़ा हो सकता है।
कार्यवाहक उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. जगत सिंह नेगी ने कहा कि जिले की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई है। नकदी फसलों को इससे कोई नुकसान नहीं है। तापमान में अधिक गिरावट होने से ही फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। बहरहाल किसानों-बागवानों को डरने की कोई बात नहीं है।