सांगला(किन्नौर)। जनजातीय जिले किन्नौर के किसान और बागवानों के लिए जहां बर्फबारी और बारिश राहत बनकर आई है, वहीं बर्फबारी से जिले के लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। इससे जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। जिले के अधिकतर ग्रामीण रूटों पर जहां यातायात व्यवस्था चरमरा गई है, वहीं पूह खंड के कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित है।
किन्नौर जिले के कल्पा, निचार और पूह खंड में बुधवार को दूसरे दिन बर्फबारी और बारिश का दौर चलता रहा। बर्फबारी के कारण जिले के अधिकतर ग्रामीण रूटों पर यातायात व्यवस्था ठप हो गई। जिला मुख्यालय से पूह काजा की ओर स्पीलो तक एचआरटीसी की बसों और अन्य वाहनों की आवाजाही हो रही है।
जिले के रोघी, कल्पा, रल्ली, सांगला, पूर्वर्णी, बारंग, पांगी, रिब्बा, रिस्पा, रारंग, खदरा, कानम, लिप्पा, आसरंग, कुन्नोचारंग, ठंगी, पूह, कटगांव, काफनू, यांगपा, निचार, बरी और छोटा कंबा सहित जिले के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण बसों की आवाजाही नहीं हो पाई। वर्ष की पहली बर्फबारी में ही विद्युत आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित हुई है। जिले के पूह खंड के सुन्नम में 16 और शिपकीला में तीन कुल मिलाकर 19 ट्रांसफार्मर बंद हो गए हैं, जिन्हें रिस्टोर करने का विद्युत बोर्ड युद्धस्तर पर काम कर रहा है।
विद्युत बोर्ड रिकांगपिओ के एक्सईएन टाशी नेगी ने कहा कि बर्फबारी के कारण पूह खंड में 19 ट्रांसफार्मर बंद हो गए हैं, जिन्हें बहाल करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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परिवहन निगम रिकांगपिओ के अड्डा प्रभारी रामबीर ने कहा कि बुधवार को रिकांगपिओ से पूह काजा की तरफ स्पीलो तक, जबकि शिमला की ओर वाया बसंतुपर होकर बसों को भेजा गया है। जिले की अधिकांश सड़कों पर बर्फबारी के कारण एचआरटीसी की बसों की आवाजाही नहीं हो पाई। मार्ग बहाल होते ही बसों को बराबर भेजा जाएगा।