लूहरी परियोजना स्टेज-1 के डायवजर्न टनल का सीएमडी एसजेवीएन नंद लाल उद्घाटन करते हुए
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रामपुर बुशहर। 210 मेगावाट की बिजली परियोजना लूहरी चरण-1 की डायवर्जन टनल का कार्य पूरा हो गया है। शनिवार को एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंधक निदेशक नंदलाल शर्मा ने 617 मीटर लंबी डायवर्जन टनल के उद्घाटन के साथ पेन स्टॉप के निर्माण कार्य का आरंभ किया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि यह परियोजना के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। नदी के पानी को अब मोड़ने के बाद कॉफर डैम के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। परियोजना को लक्ष्य के अनुरूप चालू करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल विद्युत परियोजना की आधारशिला 27 दिसंबर 2021 को रखी थी। नदी के दाहिने किनारे पर डैम, पावर हाउस और टेलरेस व्यवस्था के लिए चल रहे स्ट्रिपिंग कार्यों और राष्ट्रीय राजमार्ग के डायवर्जन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि 30 नवंबर 2024 तक लूहरी परियोजना स्टेज-1 को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए एसजेवीएन के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। नेशनल हाईवे डायवर्जन का कार्य अंतिम चरण में है और इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही नदी के बाएं किनारे पर डैम का निर्माण कार्य भी आरंभ हो जाएगा।
उन्होेंने कर्मचारियों से सभी निर्माण गतिविधियों को समय पर पूरा करने के लिए समर्पण और टीम भावना से कार्य करने का आग्रह किया। लूहरी चरण-1 जल विद्युत परियोजना की अनुमानित लागत 1810 करोड़ रुपए है। इसके पूरा होने पर सालाना 758 मिलियन यूनिट विद्युत का उत्पादन होगा। इससे कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में सालाना 6.1 लाख टन की कमी आएगी। इस दौरान उन्होंने 84 मीटर लंबे स्टील ट्रस ब्रिज के निर्माण का भी जायजा लिया।
इस पुल के बनने से परियोजना के निर्माण कार्यों में सुगमता आएगी। इसके साथ ही कुल्लू और शिमला जिले की जनता को आवाजाही की सुविधा मिलेगी। इस मौके पर निदेशक सिविल एसपी बंसल, लूहरी परियोजना प्रमुख रोशन लाल नेगी, नाथपा झाकड़ी परियोजना प्रमुख रविंचंद्र नेगी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।