पंचायत प्रतिनिधियों, महिला मंडलों और विद्यार्थियों ने नशे के खिलाफ किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। सरोग में मंगलवार को नशे के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान मनीषा चौहान संस्था, रिदम बॉयज संस्था और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया। वहीं, नशे के खिलाफ अभियान में महिला मंडलों और विद्यार्थियों ने भी भाग लिया। मुख्यातिथि के रूप में डीएसपी सिद्धार्थ शर्मा पहुंचे और डॉ. दीपांकर कोठीयाल विशेष अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम में मंच का संचालन लोक गायक किशन वर्मा ने किया। इस दौरान डीएसपी सिद्धार्थ शर्मा ने कहा कि शिमला में शाही महात्मा चिट्टा तस्कर गिरोह लंबे समय से सक्रिय था। इस गिरोह के लोग खुद नशे का सेवन नहीं करते थे और युवाओं को नशे का शिकार बनाते थे। शिमला पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। उन्होंने लोगों को संदेश देते हुए कहा कि पिछले दिनों एक 42 साल का व्यक्ति पुलिस ने चिट्टे के मामले में पकड़ा। चिट्टे के नशे के लिए इस व्यक्ति ने अपना सब कुछ बेच दिया था और परिवार टूट गया था। स्थानीय स्कूल की प्रधानाचार्य सारिका आहुजा ने भी लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर पंचायत प्रधान शकत राम, उप प्रधान बाला नंद, मंदिर कमेटी प्रधान प्रकाश चंदेल, पूर्व प्रधान जोगेंद्र वर्मा, दिनेश चंदेल, जवाहर शर्मा, महिला मंडल प्रधान मीरा और पूर्व प्रधान इंद्रा सहित कई लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए। महिला मंडलों ने भी अपनी प्रस्तुति दी। मनीषा चौहान संस्था की सदस्य रंजना ने कार्यक्रम में आए सभी लोगों का आभार प्रकट किया। रिदम बॉयस संस्था के रोहित वर्मा, विनीत सूद, नितिन वर्मा और संजू शांडिल ने कहा कि हस्ताक्षर अभियान के तहत आज उनकी पंचायत में भी सैकड़ों लोगों ने इस मुहिम में हिस्सा लिया। आगामी दिनों में कौन सी पंचायत में यह कार्यक्रम होगा, इसकी सूचना पहले दे दी जाएगी।
मैं 2014 से अपने बच्चे से नशा छुड़ाने का करती रही प्रयास
कार्यक्रम में आई एक महिला ने बताया कि उनका बेटा चिट्टे नशे के जाल में फंस गया था। वह चिट्टा पीकर आता और वह उसे अस्पताल लेकर जाती। आज लोगों के बीच में जाकर लोगों को आप बीती बताती हूं, क्योंकि मेरे लिए मेरे बेटे से बढ़कर कोई और नहीं था। ठियोग की महिला ने जब आपबीती सुनाई, तो डीएसपी सराहना की।
अपने बच्चों में न कहने के आदत डालें
विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में पहुंचे डॉ. दीपांकर ने बताया कि नशे की लत एक साथ नहीं लगती। शुरुआती दौर में ही बच्चों का ध्यान रखें और अपने बच्चों में न कहने की आदत डाल दें, तो वह जानलेवा नशे से दूर रह सकता है। उन्होंने महिलाओं को संदेश दिया कि बच्चों पर वह ही सबसे ज्यादा ध्यान रख सकती हैं। सरोग पंचायत के प्रधान ने दोनों संस्थाओं, प्रशासनिक अधिकारियों और कार्यक्रम में आए लोगों का आभार जताया। उन्होंने बताया कि आज जिस तरह के हालात हिमाचल प्रदेश में बन गए हैं, इसको लेकर लोगों को जागरूक होना ही होगा।