भीमडवारी क्षेत्र, जहां बादल फटने से क्षतिग्रस्त हाे गया रास्ता। फाइल फोटो
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उत्तर भारत की प्रसिद्ध धार्मिक यात्राओं में शुमार श्रीखंड महादेव के भक्तों में मायूसी छा गई है। बीते वर्ष भीमडवारी में बादल फटने से मची तबाही के बाद निरमंड से श्रीखंड महादेव की यात्रा पर आपदा का संकट मंडरा रहा है। यात्रा पर अभी भी संशय बरकरार है। वीरवार को यात्रा के आयोजन को लेकर अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका। यात्रा ट्रस्ट के संस्थापक सदस्यों से चर्चा के बाद जिला प्रशासन यात्रा करवाने को लेकर अंतिम निर्णय लेगा। आने वाले एक दो दिन में फिर से एक दल श्रीखंड की ओर रवाना होगा और अपनी रिपोर्ट तैयार कर ट्रस्ट को सौंपेगा।
श्रीखंड महादेव यात्रा को लेकर पूर्व में आयोजित बैठक में उपायुक्त कुल्लू की अध्यक्षता वाले श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट ने 10 से 23 जुलाई तक यात्रा करवाने का निर्णय लिया था। बैठक के बाद यात्रा मार्ग पर यात्रियों की सुविधा को देखते हुए आवश्यक इंतजाम और रास्तों की संभावनाएं तलाशने के लिए विशेषज्ञों का दल भी भेजा गया।
अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान मनाली, राजस्व और वन विभाग के विशेषज्ञों की टीम ने यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भीमडवारी से लेकर पार्वती बाग तक का क्षेत्र आपदा के दृष्टिगत संवेदनशील पाया गया। विशेषज्ञों ने मानसून में यहां भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, चट्टानें दरकने और अचानक पानी बढ़ने का खतरा जताया है। भीमडवारी से पार्वती बाग तक का रास्ता बीते वर्ष बादल फटने से आई आपदा से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और अब वैकल्पिक रास्ता भी क्षतिग्रस्त है। निरीक्षण दल ने 31 जुलाई को उपायुक्त कुल्लू को अपनी रिपोर्ट सौंपी और संभावित खतरे से ट्रस्ट के अध्यक्ष और सदस्यों को अवगत कराया है।
इस रिपोर्ट के आधार पर उपायुक्त कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा ने इस बार की यात्रा को बंद करने की बात कही है। हालांकि अब तक यात्रा पर रोक को लेकर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। भीमडवारी में खतरे को देखते हुए यात्रा पर जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा से कोई समझौता न हो इसको लेकर जिला प्रशासन गंभीर है। अब फिर से विशेषज्ञों के दल को श्रीखंड महादेव की ओर भेजा जाएगा। इसके बाद जो रिपोर्ट आती है उसी के आधार पर ट्रस्ट के संस्थापक सदस्यों के साथ चर्चा कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
फिर भेजा जाएगा दल: मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर ने बताया कि भीमडवारी में संभावित खतरे को देखते हुए फिर से विशेषज्ञों का दल मौके पर भेजा जाएगा। यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा से कोई खिलवाड़ न हो इसे देखते हुए यात्रा पर इस बार रोक लगाई जा सकती है। निरीक्षण दल जो रिपोर्ट सौंपेगा, उसी के आधार पर आगामी निर्णय लिया जाएगा।
आपदाग्रस्त भीमडवारी से पार्वती बाग तक का रास्ता पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। वैकल्पिक रास्ता भी टूट गया है। ऐसे में यात्रा पर जाना जोखिमभरा हो सकता है। यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। ट्रस्ट के सदस्यों से चर्चा कर जल्द ही यात्रा को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। -अनुराग चंद्र शर्मा, उपायुक्त कुल्लू
फांचा से श्रीखंड महादेव यात्रा शुरू होने की जगी उम्मीद, 14 किलोमीटर लंबा मार्ग होगा विकसित: फांचा वाया नंती-टिक्कर से 12 वर्ष बाद श्रीखंड महादेव की पवित्र यात्रा के शुरू होने की आस जगी है। इस मार्ग से श्रीखंड महादेव यात्रा शुरू करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। फांचा से श्रीखंड तक करीब 14 किलोमीटर लंबे मार्ग को विकसित किया जाएगा।
इसे लेकर उपमंडल प्रशासन रामपुर ने प्रस्ताव तैयार किया है और जिला पर्यटन अधिकारी को भेजा है। ज्यूरी के उन्नू महादेव से बंद पड़ी पवित्र छड़ी यात्रा के शुरू होने की उम्मीद जगी है। उत्तर भारत के कुल्लू जिले में स्थित श्रीखंड महादेव के दर्शन के लिए अब वाया बागीपुल के साथ-साथ वाया फांचा होकर भी यात्रा शुरू होने की प्रबल उम्मीद बढ़ गई है। प्रशासन ने वर्ष 2026-27 के बजट आश्वासन के तहत पर्यटन एवं ट्रेकिंग मार्गों के विकास के लिए प्रस्ताव तैयार किया है।
फांचा से वाया नंती, टिक्कर मार्ग समुद्र तल से 2293 मीटर से लेकर 5111 मीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है और हिमालयी पर्वत शृंखलाओं, घने जंगलों, झरनों, ग्लेशियरों और धार्मिक महत्व के स्थलों से होकर गुजरता है। इस मार्ग से यात्रा को फिर से शुरू करने को लेकर 18 जून को फांचा में विभिन्न विभागों और स्थानीय लोगों की बैठक हुई थी। इस बैठक में यात्रा मार्ग के विकास को लेकर चर्चा की गई। इसके बाद वन विभाग ने प्रारूप प्रस्ताव तैयार किया और पर्यटन विभाग को भेजा।
पर्यटन विकास अधिकारी को भेजे प्रस्ताव में इस मार्ग पर स्थायी आश्रय स्थल, विश्राम शेड, सुरक्षा रेलिंग, सूचना एवं दिशा संकेतक बोर्ड, पर्यावरण अनुकूल शौचालय, कचरा प्रबंधन प्रणाली और संचार सुविधाओं के विकास की आवश्यकता बताई गई है। साथ ही मार्ग की सुरक्षा और तकनीकी व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान मनाली की सेवाएं लेने की भी सिफारिश की गई है।
फांचा से श्रीखंड महादेव यात्रा शुरू होने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और ठहराव को लेकर तैयार किया गया प्रस्ताव पर्यटन विभाग को भेजा है। फांचा से श्रीखंड महादेव तक करीब 14 किलोमीटर लंबे ट्रेक को विकसित करने की योजना है। - हर्ष अमरेंद्र सिंह, एसडीएम रामपुर