जनजातीय जिला किन्नौर एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहा है। निचार खंड के नाथपा उपमहाल स्थित काचरंग नाले में बुधवार तड़के बादल फटने से अचानक भीषण बाढ़ आ गई। सुबह करीब तीन बजे आई इस फ्लैश फ्लड ने क्षेत्र में तबाही मचाई है, जिससे पेयजल व्यवस्था, संपर्क मार्ग और कृषि-बागवानी को भारी नुकसान पहुंचा है। गनीमत रही कि इस आपदा में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
बाढ़ का तांडव और जनजीवन पर असर
बादल फटने के कारण काचरंग नाले में अचानक बाढ़ आ गई, जिसका तेज बहाव स्थानीय पैदल रास्ते को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर गया। इससे लोगों की आवाजाही बाधित हो गई है। जल शक्ति विभाग की लगभग 100 मीटर लंबी 20 एमएम पेयजल लाइन बह गई, साथ ही दो पेयजल भंडारण टैंक भी क्षतिग्रस्त हो गए। इन नुकसानों के चलते क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई है।
बागवानों को भारी नुकसान
इसके अतिरिक्त, नाले से आए मलबे और तेज बहाव ने खेतों और बहुमूल्य सेब के बगीचों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे किसानों और बागवानों को भारी नुकसान हुआ है। इस घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अविलंब रास्ता बहाल करने और पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाने की मांग की है।