.शिक्षकों की कमी के चलते 5 विद्यार्थियों ने किया पलायन
विज्ञापन
सीबीएसई संबद्ध सराहन स्कूल में न शिक्षकों के पद भरे, न आधारभूत ढांचे में सुधार स्कूल की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मिलेंगे एसएमसी के सदस्य इस महीने तक नहीं भरे गए रिक्त पद तो अभिभावक देंगे धरना
संवाद न्यूज एजेंसी निरमंड (कुल्लू)। उपमंडल निरमंड के बागा सराहन में मुख्यमंत्री की घोषणाओं और आश्वासनों के बावजूद हालात पहले जैसे हैं। ग्रामीण क्षेत्र स्थित सराहन स्कूल में सीबीएसई पद्धति से शिक्षा मुहैया करवाने के दावे तो हुए, लेकिन बिना शिक्षक और सुविधाओं के कारण विद्यार्थियों की परेशानी बरकरार है। वादों की तस्वीर धरातल पर नहीं उतरी है। बागा सराहन स्कूल में शिक्षकों की कमी के कारण अभी तक 5 विद्यार्थी पलायन कर चुके हैं। प्रधानाचार्य सहित शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने और स्कूल में मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने को लेकर जल्द ही स्कूल प्रबंधन समिति का प्रतिनिधिमंडल जल्द मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से शिमला में मिलेगा। समिति ने चेताया है कि स्कूल संबंधी समस्याओं का यदि इस माह के अंत तक समाधान नहीं होता है, तो अभिभावकों को मजबूरन धरना-प्रदर्शन करना पड़ेगा। सीबीएसई संबद्ध राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सराहन में स्टाफ की कमी, स्कूल भवन एवं अन्य समस्याओं का एक वर्ष बाद भी समाधान नहीं हो पाया है। मुख्यमंत्री के दौरे के एक वर्ष बाद भी इस स्कूल की न तस्वीर बदली और न ही शिक्षकों के रिक्त पदों को भरा गया। बीते वर्ष मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सराहन स्कूल का दौरा कर ग्रामीण इलाके के विद्यार्थियों से संवाद किया था और स्कूल की सभी समस्याओं को जल्द दूर करने की बात कही थी। इतना ही नहीं इस स्कूल को सीबीएसई का दर्जा भी दिया गया, लेकिन एक वर्ष बाद भी हालात वर्षों पुराने जैसे बने हुए हैं। स्कूल में अब तक न तो नए अध्यापकों की नियुक्ति हुई और न ही अन्य आवश्यक स्टाफ उपलब्ध कराया गया है। स्कूल प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि जून माह की 25 तारीख तक विद्यालय में प्रधानाचार्य, क्लर्क और अन्य आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति नहीं होती है, तो समिति अभिभावकों के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल विद्यालय, विद्यार्थियों और क्षेत्र के भविष्य को सुरक्षित करना है। उन्होंने सरकार से सराहन स्कूल में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की मांग की है।
जून माह की 15 तारीख से पहले एसएमसी का प्रतिनिधिमंडल शिमला सचिवालय जाकर मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलेगा। उन्हें विद्यालय की समस्याओं से अवगत करवाया जाएगा। विद्यालय में स्टाफ की कमी के कारण अब तक 5 विद्यार्थी स्कूल छोड़ चुके हैं। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आगे और भी विद्यार्थियों के पलायन की आशंका है। - लोचन सिंह पुजारी, अध्यक्ष, एसएमसी, सराहन स्कूल