ग्राउंड रिपोर्ट : 20 बिस्तरों वाले आयुर्वेदिक अस्पताल में दो सप्ताह से मरीज नहीं हो रहे दाखिल
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नारकंडा से लेकर काजा, स्पीति से भी उपचार के लिए अस्पताल पहुंचते हैं मरीज स्टाफ की कमी से जूझ रहा अस्पताल, मरीजों की बढ़ी दुश्वारियां
स्टाफ की कमी बनी मर्ज, काैन पकड़े व्यवस्था की नब्ज संवाद न्यूज एजेंसी रामपुर बुशहर। आयुर्वेदिक अस्पताल रामपुर में दो सप्ताह से मरीजों की भर्ती प्रभावित है। ऐसा नहीं है कि अस्पताल में डॉक्टर नहीं हैं, बल्कि व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारियों की कमी के कारण मरीजों को भर्ती करने में परेशानी आ रही है। अस्पताल में 20 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को भर्ती नहीं किए जाने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। चार जिलों के मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाले इस अस्पताल में रोजाना करीब 100 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में भर्ती सुविधा प्रभावित रहने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में एक मिडवाइफ, एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी समेत अन्य पद रिक्त हैं। वहीं, अस्पताल में चार डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट, एक स्टाफ नर्स, एक एएनएम और एक पंचकर्म मिडवाइफ तैनात हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों की कमी को भर्ती प्रक्रिया प्रभावित होने की वजह बताया जा रहा है।
चार जिलों से पहुंचते हैं मरीज
रामपुर का आयुर्वेदिक अस्पताल कुल्लू, शिमला, मंडी और किन्नौर जिलों के दुर्गम क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाता है। ऐसे में यहां भर्ती की सुविधा प्रभावित रहने से दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रामपुर में यह एकमात्र आयुर्वेदिक अस्पताल है। कई बार गंभीर परेशानी होने पर मरीज को रात में आयुर्वेदिक अस्पताल लाया जाता है, क्योंकि उपमंडल का दूसरा अस्पताल खनेरी में स्थित है। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से ही रामपुर में यह अस्पताल खोला गया है। दूरदराज से आने वाले मरीजों को दिक्कत क्षेत्र के ग्रामीण प्रेम कुमार, अशोक, प्रकाश, विकास, महेंद्र, रेखा, राम कली और रुचि सहित अन्य लोगों ने कहा कि आयुर्वेदिक अस्पताल चार जिलों के मरीजों के लिए प्रमुख केंद्र है। अस्पताल में मरीजों को भर्ती नहीं किए जाने से दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में मरीजों को खनेरी अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है।
अस्पताल में दिन के समय मरीजों को भर्ती किया जा रहा है, लेकिन रात के समय भर्ती नहीं हो पा रही है। अस्पताल में कर्मचारियों की कमी के कारण यह समस्या आ रही है। उम्मीद है कि जल्द ही कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी और भर्ती प्रक्रिया फिर से सुचारु रूप से शुरू हो सकेगी। — रोहिणी शर्मा, बीएमओ, आयुर्वेदिक विभाग रामपुर