संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल की दरकाली पंचायत के शरनाल गांव पर भूमि धंसने से फिर खतरा मंडरा रहा है। बीते रोज भारी बारिश के कारण गांव में आंगनबाड़ी केंद्र के भवन में भूमि धंसने से दरारें आ गईं। इससे ग्रामीण फिर से सहम गए हैं। बीते वर्ष भी यहां दो घरों को क्षति पहुंची थी, जिससे दो परिवार बेघर हो गए थे। उसके बाद भी सरकार ने सुध नहीं ली, जिसके चलते ग्रामीणों में सरकार के प्रति रोष है।
गौर हो कि बीते रोज भारी के कारण दरकाली पंचायत का शरनाल गांव एक बार फिर भूस्खलन की जद में आ गया है। बारिश से आंगनबाड़ी केंद्र में दरारें आ गई हैं, जिसे ग्रामीणों की मदद से खाली करवाया गया। बीते वर्ष भी यहां दो ग्रामीणों के घर भूस्खलन की चपेट में आ गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि बीते वर्ष भी गांव पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा था। ग्रामीणों ने सरकार के नुमाइंदों और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष गांव को सुरक्षित करने की मांग उठाई थी, लेकिन न तो सरकार और न ही प्रशासन की तरफ से कोई त्वरित कारवाई गई। ऐसे में इस बार भी भूस्खलन से गांव को खतरा है। आंगनबाड़ी केंद्र भूस्खलन की चपेट में आ गया, जिसे रातों-रात ग्रामीणों ने खाली तो कर दिया है, लेकिन अब आंगनबाड़ी केंद्र को कहां चलाया जाएगा, यह बड़ा सवाल है।
शरनाल गांव के कुंदन लाल, अर्जुन दास, सूरत सिंह, राजपाल, किशन दास, बिशेषर लाल, रमेश कुमार, प्यारेलाल सहित अन्य का कहना है कि बीते कई वर्षों से गांव में भूस्खलन का सिलसिला चल रहा है। इस भूस्खलन को रोकने के लिए दीवार और पानी की निकासी के लिए निकासी नालियों का निर्माण किया जाना चाहिए। समय रहते सुरक्षा के लिहाज से कार्य नहीं होते, तो शरनाल गांव के ग्रामीणों को पलायन करने को मजबूर होना पड़ेगा। भूस्खलन की चपेट में रत्नदास का घर भी आ गया है, जो मजबूरी में इसी घर में रह रहा है। वहीं, गांव के किशन लाल के घर पर भी खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते वर्ष भी गांव में नुकसान का आकलन कर टीम लौटी थी, लेकिन धरातल पर कोई कार्य नहीं हो पाए हैं। यदि बारिश नहीं थमती तो ग्रामीणों की दिक्कतें बढ़ेंगी।
शरनाल गांव के ऊपर से भूस्खलन लगातार जारी है। पिछली बार भी भूस्खलन ये दो ग्रामीण बेघर हो गए थे। अब आंगनबाड़ी केंद्र इसकी चपेट में आ गया है।
- गुलजारी लाल सानी, प्रधान, दरकाली, पंचायत
शरनाल गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में दरारें आ गई थीं, जिससे भवन पूरी तरह से असुरक्षित हो गया है। भवन को खाली करवा दिया गया है। अब किराये के भवन में आंगनबाड़ी केंद्र चलेगा।
-शशि ठाकुर, बाल विकास परियोजना अधिकारी रामपुर