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खतरे की जद में आया शनिधाम मंदिर, श्रद्धालुओं के आने पर लगी रोक

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ामपुर बुशहर। भारी बारिश और सतलुज में आए उफान के कारण शनिधाम मंदिर खतरे की जद में आ गया है। शनिधाम और इसके साथ लगते मंदिर में दरारें आ गई हैं, इस कारण ये दोनों मंदिर कभी भी ध्वस्त हो सकते हैं।
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स्थानीय प्रशासन ने लोगों से मंदिर में न जाने की अपील की है और सुरक्षा के लिहाज से मंदिर जाने वाले रास्ते को रोक दिया है। हर शनिवार यहां दूर दूर से शनिभक्त पूजा अर्चना करने पहुंचते हैं, जिन्हें प्रशासन ने अब मंदिर न आने की सलाह दी गई है।
पिछले दिनों हुई भारी बारिश और सतलुज नदी के तेज बहाव के कारण शनिधाम मंदिर और इसके साथ हाल ही में बने मंदिर में दरारें आ गई हैं। मंदिर का झुकाव सतलुज नदी की ओर हो गया है, जिसके चलते यहां खतरा बना हुआ है। रामपुर नगर परिषद के वार्ड नंबर तीन में स्थित शनिधाम मंदिर शहर का एकमात्र शनि मंदिर है, जहां प्रत्येक शनिवार और मंगलवार को श्रद्धालुओं की खासी भीड़ रहती है। मंदिर में दरारें पड़ने से यहां पूजा अर्चना करना खतरे से खाली नहीं है, जिसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को देखते हुए यहां जाने पर रोक लगा दी है। पिछले दिनों एसडीएम रामपुर सुरेंद्र मोहन की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान जल शक्ति विभाग को इस मंदिर की सुरक्षा के लिहाज से किए जाने वाले कार्यों को जल्द करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने विभाग को जल्द एस्टीमेट तैयार कर कार्य शुरू करने को कहा। एसडीएम सुरेंद्र मोहन ने बताया कि जल शक्ति विभाग को मंदिर की सुरक्षा को लेकर जल्द एस्टीमेट तैयार करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि मंदिर के जीर्णोद्धार पर होने वाला खर्च डिजास्टर मैनेजमेंट फंड के तहत जुटाया जाएगा।
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जल शक्ति विभाग रामपुर के एक्सईएन आरएस नेगी ने बताया कि विभाग प्रारंभिक एस्टीमेट तैयार करने में जुटा है। इस संबंध में खाका तैयार कर सेंट्रल वाटर कमीशन (सीडब्ल्यूसी) पूने को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि बजट की उपलब्धता होते ही बचाव कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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