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Rampur Bushahar News: सेरीपुल सड़क अब पूरी तरह ध्वस्त, बढ़ीं ग्रामीणों की मुश्किलें

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बागवान प्रेम चौहान
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तीन पंचायतों के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री विक्रमादित्य सिंह को सड़क जल्द बहाल करने के लिए सौंपा ज्ञापन
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काशापाट सड़क भी आई भूस्खलन की चपेट में

संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। 12/20 घाटी को जोड़ने वाली सेरीपुल सड़क पिछले एक सप्ताह से धीरे-धीरे धंस रही थी। अब इस सड़क के पूरी तरह से ध्वस्त हो जाने से चार पंचायतों देवठी, कूहल, काशापाट और मुनिश की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्रामीणों के साथ सेब सीजन में बागवानों की भी चिंता बढ़ गई है। वहीं, दुर्गम पंचायत काशापाट सड़क भी पूरी तरह से भूस्खलन की चपेट में आ गई है। इन सड़कों को बहाल करने के लिए तीन पंचायतों के प्रतिनिधिमंडल ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह से रामपुर दौरे के दौरान मुलाकात की और ज्ञापन सौंपकर समस्या के जल्द समाधान की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि बीते तीन चार वर्षों से सेरीपुल में हर बरसात के दौर में सेब सीजन में बागवानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस वर्ष भी सेरीपुल में सड़क धंस गई है। भारी बारिश के कारण भूस्खलन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे बागवानों, ग्रामीणों और दुग्ध उत्पादकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, काशापाट पंचायत प्रधान पुष्पा सनाटू की अध्यक्षता में भी अवरुद्ध काशापाट सड़क को शीघ्र बहाल करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि सड़क पूरी तरह से कट चुकी है और गहरी खाई में तब्दील हो गई है। यहां सेब सीजन भी शुरू होने वाला है। हजारों बागवानों को सेब की पेटियों को मंडियों तक पहुंचाने की चिंता सताने लगी है। पुष्पा सनाटू ने कहा कि लोक निर्माण मंत्री ने एक सप्ताह में सड़क को बहाल करने का आश्वासन दिया है। इस मौके पर मुनिश पंचायत प्रधान भजन दास, कूहल पंचायत प्रधान मीरा देवी, काशापाट पंचायत के वार्ड सदस्य राकेश ठाकुर सहित कई अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
सेरीपुल सड़क बहाल करना बना चुनौती
अब सेरीपुल सड़क पूरी तरह से धंस गई है। लोक निर्माण विभाग रामपुर के लिए इस सड़क को बहाल करना चुनौती बना हुआ है। लोक निर्माण विभाग का दावा है कि अगर मौसम साफ रहा, तो 2 दिन में सड़क को यातायात के लिए बहाल कर देंगे। हालांकि, इस सड़क के अवरुद्ध होने से बागवानों को लालसा-बाहलीधार वाया शांदल संपर्क मार्ग से सेब को मंडियों तक पहुंचना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग ने वैकल्पिक मार्ग बहाल कर दिया है, लेकिन बागवानों को अधिक किराया देकर अपने सेब को मंडियों में पहुंचाना पड़ रहा है। सेरीपुल संपर्क मार्ग पर समय पर बहाल नहीं हुआ, तो ऊंचाई वाले क्षेत्र के बागवानों को अधिक परेशानी हो सकती है।
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मंत्री अपने गृहक्षेत्र का ध्यान नहीं दे पा रहे
उधर, देवठी पंचायत के जुआं गांव के बागवान प्रेम चौहान ने बताया कि सेरीपुल सड़क एक सप्ताह से बंद है, लेकिन मंत्री अपने गृहक्षेत्र का ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। बागवानों को इन दिनों भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुहल पंचायत के चिकसा गांव के बागवान दिनेश मेहता ने बताया कि पिछले चार वर्ष से सेरीपुल में हमेशा बरसात के समय भूस्खलन हो रहा है। प्रदेश सरकार इस सड़क को लेकर गंभीर नहीं है। हर साल हजारों बागवानों को सेरीपुल सड़क से परेशानी झेलनी पड़ती है।

बागवान प्रेम चौहान

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