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बर्फबारी के सात दिन बाद भी आधा दर्जन से अधिक सडक़ें अवरूद्ध

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नित्थर के पढोर में सड़क के साथ का गिरा डंगा - फोटो : RAMPUR-HP
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रामपुर बुशहर। बीते रविवार को हुई बर्फबारी और बारिश के एक सप्ताह बाद भी रामपुर उपमंडल के दुर्गम इलाकों में यातायात व्यवस्था पटरी पर नहीं लौटी है। आधा दर्जन से अधिक सड़कें बंद हैं। ऐसे में हजारों ग्रामीणों को आवाजाही करने में खासी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। लोक निर्माण विभाग को मार्ग बहाल करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
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बीते दिनों हुई बर्फबारी और बारिश किसानों-बागवानों के लिए राहत लेकर आई है। इससे आम जनजीवन खासा प्रभावित हुआ है। रामपुर उपमंडल की आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण सड़कें अभी भी यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाई हैं। रामपुर से रोहड़ू, मझाली, जघोरी, थड़ा, मझाली कूहल, मशनू-घराट, ननखड़ी-खमाडी, खनोग धांशा ननखड़ी, किन्फी और आउटर सिराज में एनएच 305 जलोड़ी जोत यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाए हैं। परिवहन निगम जघोरी और थड़ा सड़क को छोड़कर अन्य सभी सड़कों पर संभावित स्थानों तक ही बसें भेजी जा रही हैं। बर्फबारी से उपमंडल की दो दर्जन से अधिक सड़कों को क्षति पहुंची है। लोक निर्माण विभाग की इनमें 60 लाख रुपये से अधिक के नुकसान का आकलन किया गया है। हालांकि, लोक निर्माण विभाग युद्धस्तर पर सड़कों को बहाल करने में जुटा है, लेकिन बीते दिनों से चल रही ठेकेदारों की हड़ताल के चलते कई ग्रामीण इन्हें बहाल करना चुनौति भरा बना हुआ है।
लोक निर्माण विभाग रामपुर के एक्सईएन रजनीश बहल ने कहा कि बर्फबारी और बारिश से कई स्थानों पर सड़कें के डंगे गिर गए हैं। कई स्थानों पर भूस्खलन से सड़कें बाधित हो गई हैं। बर्फबारी से रामपुर उपमंडल की सड़कों को 60 लाख रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचा है। विभाग सड़कों को बहाल करने में जुटा है। उधर, परिवहन निगम रामपुर के अड्डा प्रभारी भागचंद ने बताया कि जघोरी और थड़ा मार्ग पर निगम की बसों की आवाजाही नहीं हो पा रही है, जबकि अन्य सड़कों पर संभावित स्थानों तक बसों को भेजा जा रहा है।
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