वर्तमान में ट्रक यूनियन के पीछे टीन शेड में चल रहा बुकिंग का काम
बारिश होने पर तालाब में तब्दील हो रही जगह, यात्री परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। बद्दी आज भी अपने स्थायी बस अड्डे के लिए तरस रहा है। हैरानी की बात यह है कि एचआरटीसी के पास 32 बीघा अपनी जमीन तो है, लेकिन पिछले चार वर्षों से सरकारी फाइलें केवल विभाग बदलने और जमीन ट्रांसफर करने में ही घूम रही हैं। कभी डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट तो कभी हिमुडा के पास। अड्डे के नाम पर सिर्फ घोषणाओं का दौर जारी है, जबकि धरातल पर यात्रियों के हिस्से सिर्फ धूल और कीचड़ आया है। औद्योगिक पैकेज मिलने के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि यहां एक भव्य बस अड्डा बनेगा, लेकिन हकीकत इसके उलट है। वर्तमान में बस अड्डे के नाम पर ट्रक यूनियन के पीछे एक छोटा सा टीन शेड है, जहां एक बुकिंग क्लर्क बैठता है। बारिश होते ही पूरा क्षेत्र तालाब में तब्दील हो जाता है, जिससे यात्रियों का बसों तक पहुंचना दूभर हो जाता है। बता दें कि पहले स्लिप रोड पर अड्डा था, जो फोरलेन की भेंट चढ़ गया। फिर बीबीएनडीए की पार्किंग में शिफ्ट हुआ, जहां बिजली तक नहीं थी। अब पिछले एक साल से यह ट्रक यूनियन के पीछे अस्थायी तौर पर चल रहा है।
सत्ता बदलने के बाद ठंडे बस्ते में पड़ी योजना
पिछली भाजपा सरकार के समय केंद्रीय मंत्रालय ने यहां अड्डा बनाने की योजना तैयार की थी। निगम जमीन देने को तैयार था, लेकिन प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होते ही यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया। नई सरकार ने कई घोषणाएं तो कीं, लेकिन अभी तक इसका एस्टीमेट (प्राक्कलन) तक तैयार नहीं हो पाया है।
पहले यह प्रोजेक्ट परिवहन विभाग (डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट) के माध्यम से बनना था, जिसके लिए 32 बीघा जमीन उनके नाम ट्रांसफर भी की गई। अब योजना बदल दी गई है और इसे हिमुडा के जरिये बनाने की तैयारी है। परिवहन विभाग ने उपायुक्त को पत्र लिखकर जमीन हिमुडा के नाम ट्रांसफर करने की मांग की है।
कोट
बद्दी में बस अड्डे का निर्माण अब हिमुडा करेगा। इस संबंध में परिवहन निदेशक की ओर से उपायुक्त को पत्र भेज दिया गया है, ताकि जमीन हिमुडा के नाम हस्तांतरित की जा सके।
- विपिन गुप्ता, क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी