सप्ताह में एक बार प्रतिनियुक्ति पर भेजा रहा कर्मचारी, लोगों का स्वास्थ्य राम भरोसे
क्षेत्र के लोगों ने विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर जताया रोष, स्टाफ की तैनाती करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार के बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों को मामूली सी बीमारी के उपचार के लिए भी कई किलोमीटर दूर की दौड़ लगानी पड़ रही है। ऐसा ही एक मामला स्वास्थ्य उपकेंद्र बरी में सामने आ रहा है। यहां उपकेंद्र पर करीब आठ माह से ताला लटका है। सप्ताह में महज एक बार प्रतिनियुक्ति पर कर्मचारी भेजकर विभाग जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है। गौर हो कि उपस्वास्थ्य केंद्र बरी में अप्रैल से अधिकतर समय में ताला लटका रहता है। इसके कारण करीब 1,600 की आबादी को उपचार के लिए परेशानियां झेलनी पड़ रही है। मजबूरी में मरीजों को उपचार करने के लिए 16 किलोमीटर दूर भावानगर और 65 किलोमीटर दूर रामपुर जाना पड़ रहा है। अप्रैल माह से स्वास्थ्य उपकेंद्र बरी में एक मेल और फीमेल हेल्थ वर्कर का पद खाली चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग सप्ताह में एक दिन कर्मचारी को प्रतिनियुक्ति पर भेजकर पल्ला झाड़ रहा है। पूर्व प्रधान बरी योगराज नेगी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने पर यहां राजनीति की जा रही है। स्वास्थ्य उपकेंद्र में जहां स्टाफ का टोटा है, वहीं क्षेत्र में विकास की दृष्टि से कोई कार्य नहीं किए जा रहे हैं। पूर्व प्रधान बरी सुदेश कुमारी, विनोद जिंटू, बिमला देवी नेगी, गंगा देवी नेगी, शशि कला नेगी, लक्ष्मी देवी नेगी और रजनी देवी नेगी सहित अन्यों ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द यहां पर कर्मचारी की तैनाती की मांग उठाई है।
कोट्स
स्टाफ के अभाव के कारण उप स्वास्थ्य केंद्र बरी में डेपुटेशन के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही रिक्त पदों को भरेगी।
डॉ. सोनम नेगी, सीएमओ किन्नौर