रामपुर बुशहर/आनी। आनी और निरमंड उपमंडल में बेमौसमी बर्फबारी और ओलावृष्टि ने बागवानों की सालों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। शनिवार रात हुई बर्फबारी और ओलावृष्टि से सैकड़ों के सेब के पेड़ों को क्षति पहुंची है। वहीं दर्जनों बागवानों के बगीचों में लगी एंटी हेलनेट सहित बांस के डंडे भी टूट गए हैं। पेड़ों को नुकसान पहुंचने से बागवान खासे मायूस हैं।
उन्होंने सरकार और प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है। शनिवार दोपहर के बाद मौसम में अचानक आए बदलाव के बाद आनी और निरमंड उपमंडल के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया। अंधड़ के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे सैकड़ों बागवानों के सेब के पेड़ क्षतिग्रस्त हो गए। इसके बाद भारी बर्फबारी और ओलावृष्टि से बर्फ सेब के पौधों पर लगी एंटी हेलनेट पर टिक गई। इससे अधिक भार होने के कारण ही जालियां टूट गई। साथ ही नैट लगाने में इस्तेमाल किए गए बांस के डंडे भी टूट गए। इससे भी सेब के सैकड़ों पेड़ क्षतिग्रस्त हुए हैं।
निरमंड उपमंडल की चायल पंचायत के सगोफा गांव निवासी लाल चंद, आत्मा राम, नंतराम, गंगा सिंह, लगन दास, देसराज, पदम सिंह, चेतन सिंह जरोट गांव निवासी विजय सिंह, मोहर सिंह, जगदीश, ताबे राम, भेरू सिंह, चमन, देवराज, गोपाल, ओम प्रकाश, बडारी गांव में सेस राम, शेतू राम, बालक राम, चेत राम, रमेश चंद, वेबा नंद, मेहर चंद और बसवारी गांव के मोहर सिंह और आत्मा राम के 100 से अधिक सेब के पेड़ों को क्षति पहुंची है। वहीं आनी उपमंडल में भी बर्फबारी और ओलावृष्टि ने भी सेब के बगीचों को खासा नुकसान पहुंचाया है। मुहान पंचायत प्रधान संतोष कुमार ने बताया कि टकरासी में सेब के पौधों पर लगाई गई एंटी हेलनेट बर्फबारी से क्षतिग्रस्त हो गई है।
बर्फबारी के चलते बांस और सेब के पौधे टूट गए हैं। प्रभावित हुए बागवानों ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और बागवानी विभाग से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। किसान सभा निरमंड के अध्यक्ष देवकी नंद ने कहा कि बागवानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। नुकसान के एवज में मुआवजे की मांग को लेकर सोमवार को एसडीएम निरमंड से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा जाएगा।