आनी (कुल्लू)। जिला कुल्लू के आनी और निरमंड उपमंडल को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले सैंज-आनी-ओट एनएच-305 के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। कुंडगाड़ से लेकर जलोड़ी दर्रे तक पहाड़ियाें का दरकना बरसों से सिर दर्द बना हुआ है। पहले कोटनाला फिर माशनू नाला, बानीगाड़ और फड़ेलनाला में भूस्खलन के कारण एनएच प्राधिकरण की मार्ग बहाल करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
वहीं अब आनी से 10 किलोमीटर दूर कंडुगाड के समीप गजोधर में पहाड़ी दरकने से हुए भूस्खलन ने न केवल एनएच प्राधिकरण, बल्कि क्षेत्र की कमांद, कोहिला, खनी, बटाला, लझेरी और खनाग पंचायतों के सैकड़ों बागवानों और लोगों की चिंता बढ़ गई है। आनी और निरमंड के लोगों को जिला मुख्यालय कुल्लू जाने के लिए छोटे वाहनों में आवाजाही कंडुगाड़ से वाया जांओ खनाग होकर करनी पड़ रही है।
एनएच प्राधिकरण के आनी डिवीजन के सहायक अभियंता धनसिंह शर्मा ने बताया कि गजोधर के समीप अचानक पहाड़ी से भारी भूस्खलन हुआ है। इससे हाईवे का करीब 60 मीटर भाग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। हाईवे बहाली को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन जैसे ही मलबा हटाया जाता है। वैसे ही पहाड़ी से फिर मलबा गिरकर हाईवे को बंद कर रहा है, जबकि इसी जगह से एक किलोमीटर आगे फड़ेलनाला में भी यही आलम है।
इसके करीब दो किलोमीटर पहले बानीगाड़ में भी भूस्खलन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में उपरोक्त पंचायतों के बागवानों को सेब की फसल मंडियों तक पहुंचाना मुश्किलों भरा हो गया है। इससे बागवानों को अभी से ही अपनी साल भर की कमाई के बर्बाद होने की चिंता सताने लगी है।
भारी बारिश के कारण एनएच-305 पर जगह-जगह बार-बार भूस्खलन हो रहा है। हाईवे को बहाल करने के लिए बार-बार मशीनरी मौके पर तैनात की जा रही है, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
केएल सुमन, अधिशासी अभियंता, एनएच प्राधिकरण रामपुर