रोहडू़ में एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन में सीटू जिला महासचिव अजय दुलटा, जिला कमेटी सदस्य सुनील मेहता, संसार चंद खलस्टा, नरेश कुमार, मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन से इकाई अध्यक्ष सुलक्षणा ठाकुर , सचिव प्रदीप, मेहर सिंह, प्रितमा, शारदा ठाकुर, नलिनी सिंह, शारदा, सुलेखा, दीपना, कमलेश, हिरापती, गीता राजटा, चंपा, कांता, कागल देवी, जय पुरी, इंद्रा और शशि शामिल रहे। यूनियन ने उपमंडल अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन ने मांगों को लेकर रोहडू़ में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार से मांगों को पूरा करने के लिए मांग रखी। इस दौरान वर्कर्स ने जमकर नारेबाजी भी की। उन्होंने कहा प्रदेश और केंद्र सरकार मिड-डे मील के निजीकरण के लिए उनके भविष्य को लेकर साजिश रच रही है। जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, प्रदेशव्यापी आंदोलन को तेज किया जाएगा। उपमंडल रोहडू़ के मिड-डे मील वर्कर्स ने चेतावनी दी कि उनके पास आंदोलन को तेज करना ही एक विकल्प रह गया है।
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रोहडू़ में एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन में सीटू जिला महासचिव अजय दुलटा, जिला कमेटी सदस्य सुनील मेहता, संसार चंद खलस्टा, नरेश कुमार, मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन से इकाई अध्यक्ष सुलक्षणा ठाकुर , सचिव प्रदीप, मेहर सिंह, प्रितमा, शारदा ठाकुर, नलिनी सिंह, शारदा, सुलेखा, दीपना, कमलेश, हिरापती, गीता राजटा, चंपा, कांता, कागल देवी, जय पुरी, इंद्रा और शशि शामिल रहे। यूनियन ने उपमंडल अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
वक्ताओं ने केंद्र सरकार की मिड-डे मील विरोधी नीतियों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मिड-डे मील योजना के निजीकरण की साजिश रच रही है। साल दर साल इस योजना के बजट में कटौती हो रही है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2009 के बाद मिड-डे मील कर्मियों के मानदेय में एक भी रुपये की बढ़ोतरी नहीं की है। उन्हें वर्तमान में केवल 2600 रुपये मानदेय मिल रहा है।
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महंगाई के इस दौर में इसससे गुजारा करना असंभव है।
इसके अलावा उन्हें छुट्टियां, ईपीएफ और मेडिकल की कोई सुविधा नहीं दी जा रही। इकाई अध्यक्ष सुलक्षणा ठाकुर ने सरकार से मांग की कि मिड-डे मील कर्मियों को न्यूनतम मानदेय नौ हजार रुपये दिया जाए। महिला कर्मियों के लिए वेतन सहित छह महीने का प्रसूति अवकाश भी मिले। उन्होंने कहा कि मिड-डे मील वर्कर्स स्कूल में सभी तरह का कार्य करते हैं।
उन्हें ही मल्टी टास्क वर्कर के रूप में नियुक्त किया जाए। उन्हें साल में दो ड्रेस, बीमा योजना लागू करने, रिटायरमेंट पर चार लाख रुपये ग्रेच्युटी देने, दुर्घटना में पचास हजार रुपये, मेडिकल सुविधा लागू करने सहित सभी प्रकार की छुट्टियां, दस महीने की जगह बारह महीने का वेतन देने की मांग की है।