रामपुर बुशहर। मांगें पूरी न होने से रोषजदा हिमाचल सेब उत्पादक संघ ने वीरवार को एसडीएम कार्यालय रामपुर के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान बागवानों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद बागवानों ने संघ के बैनर तले एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजा और सभी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई।
उन्होंने चेताया कि अगर जल्द मांगों को पूरा नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन में संघ ने एपीएमसी एक्ट 2005 को उचित तरह से लागू करने, लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट 2009 को सही तरह से लागू करने, मालभाड़े को एक्ट के तहत रेगुलेट करने, सेब के भाड़े को वजन और दूरी के आधार पर तय करने और यूनिवर्सल कार्टन को लागू करने की मांग उठाई है। वहीं सेब की पैकिंग में इस्तेमाल होने कार्टन, टेप, मशीन और अन्य उपकरणों पर लगने वाले जीएसटी को समाप्त करने की मांग उठाई गई है। इसके अलावा अमेरिकन सेब पर आयात शुल्क को 100 प्रतिशत करने, सेब के लिए एमआईएस ए ग्रेड-80 रुपये, बी ग्रेड-60 रुपये और सी ग्रेड-30 रुपये की समर्थन मूल्य घोषित करने, किसान सहकारी समितियों को सीए स्टोर बनाने के लिए 90 प्रतिशत अनुदान प्रदान करने, निजी कंपनियों द्वारा लगाए गए सीए स्टोरों में बागवानों को 25 प्रतिशत हिस्से में सेब रखने के प्रावधान को सख्ती से लागू करने की पुरजोर मांग उठाई है।
इसके अलावा बागवानी में इस्तेमाल किए जाने वाले स्प्रे मशीन, पावर टिलर और एंटी हेल नेट आदि की वर्षों से लंबित सब्सिडी को तुंरत प्रदान करने, आढ़ती और खरीदारों के पास बागवानों के बकाया पैसों का भुगतान तुरंत करने की मांग रखी। बागवानों से प्रदेश में विभिन्न बैरियरों पर ली जाने वाली अवैध वसूली बंद करने, सेब को क्रेट में बेचने पर 3 किलो की काट को बंद करने, आढ़तियों द्वारा सेब की पेटी में 2 किलो की काट को तुरंत बंद करने, बागवानों द्वारा विभिन्न बैंक और संस्थाओं से लिए गए ऋण को माफ करने और सब्सिडी की दवाइयां उपलब्ध करवाने सहित कई अन्य मांगें पूरी करने की गुहार लगाई। इस मौके पर प्रेम चौहान, डॉ. ओकार, दिनेश, तुला राम, मुकेश, कृष्णा राणा, हरदयाल कपूर, किशोरी लाल, सोहन लाल, चेतराम और दलीप गुप्ता सहित अन्य मौजूद रहे।