चौपाल (रोहड़ू)। संयुक्त पटवार एवं कानूनगो महासंघ तहसील इकाई चौपाल ने संशोधित राजस्व अधिनियम का विरोध किया है। इसको लेकर संघ ने शनिवार को एसडीएम नारायण चौहान के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजा।
संघ के अध्यक्ष राजकुमार और सचिव ओम प्रकाश दिलटा ने बताया कि संशोधित राजस्व अधिनियम के माध्यम से राजस्व कार्यों को निपटाए जाने के लिए बनाई गई समयसीमा से महासंघ सहमत नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों को समय पर सुविधा मिले इसका महासंघ स्वागत करता है लेकिन यह केवल कानून बनाने से नहीं होगा। बल्कि धरातल पर आवश्यक सुधार करना होगा।
वर्तमान समय में पटवारी, कानूनगो, नायब तहसीलदार और तहसीलदार स्तर तक के करीब 25 से 70 फीसदी पद खाली चल रहे हैं। इसके अलावा पटवारी, कानूनगो को राजस्व कार्य करने का तो समय ही नहीं मिल पाता। हर रोज विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्रों की रिपोर्ट, फोन से विभिन्न-2 सूचनाओं को तैयार करके भेजना, पीएम किसान सम्मान से जुड़े काम सहित अन्य कार्य निपटाने होते हैं।
एक कानूनगो ज्यादा से ज्यादा पांच-सात निशानदेही के मामले एक माह में निपटा सकता है जबकि उसके पास निशानदेही के प्रतिमाह 30 से 40 मामले आते हैं। ऐसे में सरकार द्वारा तय की गई समयसीमा में काम कैसे होगा? इस पर विचार करने की मांग ज्ञापन भेजकर मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई है।