भावानगर (किन्नौर)। किन्नौर जिले के सीमावर्ती इलाकों को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे पांच निगुलसरी के पास हजारों लोगों की समस्याओं का कारण बना हुआ है। वीरवार सुबह पहाड़ी से एक बार फिर भारी भूस्खलन होने के कारण एनएच पर फिर से वाहनों की रफ्तार थम गई। इससे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही करीब सात घंटे ठप रही। ऐसे में हजारों लोगों को आवाजाही करने में परेशानियां झेलनी पड़ी। दोपहर एक बजे मार्ग को यातायात के लिए बहाल किया जा सका।
जानकारी के अनुसार निगुलसरी में भारी भूस्खलन के कारण वीरवार सुबह करीब सवा सात बजे नेशनल हाईवे पांच पर भारी मात्रा में मलबा आ गया। करीब एक माह पूर्व आठ सितंबर को यहां भारी भूस्खलन के कारण नेशनल हाईवे का करीब चार सौ मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया था। इसके बाद एनएच को करीब 11 दिन के बाद बहाल तो कर दिया गया लेकिन यहां आए दिन भूस्खलन होने का सिलसिला जारी है।
मार्ग से किन्नौर जिले सहित काजा लाहौल स्पीति के हजारों ग्रामीण और पर्यटक लाभान्वित होते हैं, जबकि देश की सीमा पर तैनात जवानों को भी रसद और खाद्य सामग्री इसी मार्ग से पहुंचती है। ऐसे में निगुलसरी में भूस्खलन से यहां से गुजरने वाले वाहनों को भी खतरा बना हुआ है। वीरवार को भी सुबह सवा सात बजे से दोपहर एक बजे तक एनएच पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। इससे हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी गईं।
इसकी सूचना मिलते ही नेशनल हाईवे प्राधिकरण ने एनएच की बहाली में मशीनें और मजदूर तैनात कर दिए। कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर हर एक बजे बाधित मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया गया है।
इससे हजारों लोगों ने राहत की सांस ली। एनएच प्राधिकरण भावानगर के कनिष्ठ अभियंता सतीश जोशी ने बताया कि निगुलसरी के सेक्टर-26 में एनएच भारी भूस्खलन के कारण अवरूद्ध हो गया था। एनएच ने तीन मशीनों और दर्जनों मजदूरों को तैनात कर करीब सात घंटे के बाद मार्ग को बहाल कर दिया है। अब मार्ग पर वाहनों की बराबर आवाजाही हो रही है।