हादसे के चार दिन बीतने के बाद भी सतलुज नदी में लापता पर्यटक का नहीं लगा सुराग, उपायुक्त ने लिया जायजा
नेवी सहित सवा सौ सदस्यों के रेस्क्यू दल ने सतलुज नदी में चलाया सर्च ऑपरेशन
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। पांगी नाले के पास सतलुज नदी में लापता पर्यटक की तलाश के लिए बुधवार को गोताखोरों और दिल्ली से आए भारतीय नौसेना के जवानों ने सर्च ऑपरेशन चलाया। दिनभर की कड़ी मशक्कत के बाद भी लापता पर्यटक का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। चार दिन के बाद भी रेस्क्यू दल के करीब सवा सौ सदस्य नदी में लापता व्यक्ति को नहीं तलाश पाए हैं। अब वीरवार को फिर से सतलुज नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा। गौर हो कि रविवार दोपहर पांगी नाले के पास एक कार दुर्घटनाग्रस्त होकर सतलुज नदी में जा गिरी थी। इसमें तीन लोग सवार थे। इनमें तमिलनाडु के चेन्नई का पर्यटक वेट्री दुरईसामी (45), पुत्र एस दुरईसामी लापता हो गया था। इसके बाद उसकी तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। बुधवार को चौथे दिन सुंदरनगर से आए गोताखोरों के दल और दिल्ली से आए भारतीय नौसेना के दल ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इसके तहत पांगी नाले से लेकर कड़छम तक सतलुज नदी और इसके किनारे में लापता की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लग पाया। रेस्क्यू दल के करीब सवा सौ सदस्यों सहित स्थानीय पंचायतों के लोगों ने सुबह आठ बजे सर्च ऑपरेशन शुरू किया और शाम छह बजे तक सतलुज नदी में सर्च ऑपरेशन चला। गहरी नदी और पानी के बहाव के चलते लापता पर्यटक को तलाशना मुश्किल हो रहा है। उधर, कार्यवाहक एसपी किन्नौर नवीन जाल्टा ने बताया कि बुधवार को रेस्क्यू दल ने सतलुज नदी के किनारे सर्च ऑपरेशन चलाया। लापता पर्यटक का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। वीरवार को फिर से सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा। उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि बुधवार को सतलुज के किनारे चल रहे सर्च ऑपरेशन का जायजा लिया। उन्होंने इस दौरान सर्च अभियान में लगी टीमों को गति बढ़ाने के निर्देश दिए, जिससे लापता व्यक्ति को शीघ्र ढूंढा जा सके।
सवा सौ सदस्य कर रहे लापता की तलाश
पांगी नाले में कार समेत सतलुज नदी में लापता पर्यटक वेट्री की तलाश में सवा सौ सदस्यों का रेस्क्यू दल जुटा हुआ है। हालांकि कार को नदी से बाहर निकाल लिया गया है लेकिन पर्यटक अब भी लापता है। बुधवार को दिल्ली से आई नौसेना टीम के छह सदस्यों, सुंदरनगर से गोताखोरों के छह सदस्यीय दल, एनडीआरएफ के 25, पुलिस के 38, होमगार्ड के 17, भारतीय सेना के 10, आईटीबीपी के 20, एसडीआरएफ के 13 सदस्यों सहित जिला आपदा प्राधिकरण और स्थानीय पंचायतों के ग्रामीण सतलुज नदी में पर्यटकों की तलाश करते रहे।