पूर्वणी से काशंग तक करीब 500 मीटर बिजली लाइन हुई क्षतिग्रस्त
काजा, स्पीति में भी ठप पड़ी विद्युत आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला(किन्नौर)। किन्नौर जिले में बीते दिनों हुई भारी बर्फबारी के कारण जहां कई यातायात अवरुद्ध हो गया है, वहीं हजारों लोग पांच दिन बाद भी अंधेरे में गुजर बसर करने को मजबूर हैं। जिले के कल्पा और पूह की 51 पंचायतों में पांच दिन से अंधेरा पसरा हुआ है। भारी बर्फबारी के कारण जिले के 260 ट्रांसफार्मर अब भी बंद पड़े हैं। पूर्वणी से काशंग तक करीब 500 मीटर बिजली लाइन भारी बर्फबारी और भू-स्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है। यही नहीं जनजातीय क्षेत्र काजा और स्पीति में भी पांच दिन से बिजली नहीं है। बीते शुक्रवार को किन्नौर जिले में भारी हिमपात हुआ था, जिससे उभरने में अभी और कई दिन लग जाएंगे। जिले के हजारों लोग बिना बिजली के पांच दिन से परेशानियां झेल रहे हैं। जिला मुख्यालय रिकांगपिओ के कुछ क्षेत्रों सहित कल्पा की 24 और पूह खंड की 27 पंचायतें बिजली की समस्या से जूझ रही हैं। इसके अलावा ताबो, काजा और स्पीति में भी बिजली व्यवस्था ठप पड़ी है। देश सीमा से सटे छितकुल, कुन्नोचारंग, ऋषि डोगरी सहित भारत तिब्बत सीमा से सटे क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप होने से सेना, आईटीबीपी के जवानों सहित ग्रामीण दिक्कतें झेल रहे हैं। जिले में भारी बर्फबारी और भू-स्खलन होने से कई स्थानों में बिजली बोर्ड की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। अधिक बर्फबारी होने से बिजली आपूर्ति बहाल करने में कर्मचारियों को दिक्कतें पेश आ रही हैं।
जल्द बिजली बहाल करने की मांग
भाजपा एसटी मोर्चा प्रदेश प्रभारी सूरत नेगी, भाजपा जिलाध्यक्ष यशवंत सिंह नेगी, कल्पा मंडल अध्यक्ष बीरबल लोक्टस, पूह मंडल अध्यक्ष सुभाष छोरज्ञा, निचार मंडल अध्यक्ष मदन नेगी ने बताया कि प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण जिले के हजारों लोग बिना बिजली परेशानियां झेल रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि जल्द बिजली आपूर्ति बहाल की जाए।
बिजली लाइनें हुईं क्षतिग्रस्त
बिजली बोर्ड रिकांगपिओ के एक्सईएन टाशी नेगी ने बताया कि भारी बर्फबारी के कारण बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। बोर्ड के कर्मचारी युद्धस्तर पर कार्य कर बिजली बहाल करने में जुटे हैं। जल्द ही बिजली बहाल कर दी जाएगी।
रिस्टोर करने में लग रहा वक्त
उधर, बिजली बोर्ड के एक्सईएन ट्रांसमिशन भावानगर बीरबल नेगी ने बताया कि पूर्वणी और काशंग के बीच करीब पांच सौ मीटर 66 केवी लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसे रिस्टोर करने में वक्त लग रहा है।
निगुलसरी तक बसाें की आवाजाही शुरू
उधर, परिवहन निगम रिकांगपिओ के क्षेत्रीय प्रबंधक पियुष शर्मा ने बताया कि जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से अब निगुलसरी तक बसाें की आवाजाही शुरू कर दी गई है। यहां से आगे सवारियों को ट्रांसमिट कर भेजा जा रहा है। जिले के ग्रामीण रूटों पर निगम की बसाें की आवाजाही अभी भी ठप पड़ी है। मार्ग बहाल होते ही बस सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी।