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Rampur Bushahar News: रात के अंधेरे में पड़ोसी राज्यों से पहुंच रही नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की खेप

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चिट्टे के विकल्प के रूप में प्रतिबंधित दवाइयों का इस्तेमाल कर रहे युवा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से हो रही तस्करी
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ठियोग और छैला क्षेत्र बने प्रमुख क्षेत्र, प्रतिबंधित दवाइयों के सेवन से दो युवक तोड़ चुके हैं दम
सुभाष सेन

रामपुर बुशहर। रामपुर क्षेत्र में अब युवा चिट्टे के विकल्प के रूप में प्रतिबंधित दवाइयों का इस्तेमाल कर रहे हैं। चिंता की बात यह है कि चिट्टे से कहीं अधिक सस्ते दामों पर ये दवाइयां नशा करने वालों तक पहुंच रही हैं। बात करें दवाओं की खेप की तो ये दवाइयां रात के अंधेरे में प्रदेश में पहुंच रही हैं और इन दवाओं को बेचने वाले बिना बिल के ही दवाओं को नशे के अवैध कारोबार संलिप्त सरगनाओं तक पहुंचा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इन सरगनाओं को ट्रेस तक करना मुश्किल बना हुआ है। वहीं प्रदेश में नकली दवाओं की भी खेप पहुंच रही है, जिस पर लगाम लगाना औषधि विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण बन गया है। गौर हो कि बीते एक माह में रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में करीब आधा दर्जन युवा नशे के लिए इस्तेमाल की जा रही टपेंडाडॉल और ट्रामाडॉल नाम की दवाइयों का सेवन करने से मौत के मुंह में समा गए। इन दवाइयों को नशा मुक्ति केंद्रों में मरीजों को नशा छुड़ाने के लिए दिया जाता है, लेकिन अब युवा इन्हीं दवाओं को नशे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, जो जानलेवा हो सकता है। युवा इन दवाइयां को केमिकल रूप में लाकर सिरिंज के जरिये लेते हैं, जिससे युवाओं की मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। रात के अंधेरे में इन दवाइयों की खेप उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से यहां पहुंच रही हैं। नशे के सरगना बिना बिल इन दवाओं को खरीद रहे हैं और इन दवाओं को कई गुना अधिक दामों पर बेच रहे हैं। बात करें ऊपरी हिमाचल की तो अंदेशा जताया जा रहा है कि त्यूणी बॉर्डर से अवैध रूप से इन दवाओं की खेप प्रदेश में पहुंच रही है। यहां ठियोग और छैला से विभिन्न स्थानों पर नशे के अवैध कारोबार से जुटे लोग पहुंचा रहे हैं। हालांकि औषधि विभाग इस संबंध में कार्रवाई अमल में ला रहा है। इसको लेकर आने वाले दिनों में औषधि विभाग चौंकाने वाले खुलासे कर सकता है। औषधि नियंत्रण के अनुसार प्रदेश में नकली दवाइयों की भी खेप पहुंच रही है। इस पर अंकुश लगाना चुनौती भरा है। उन्होंने बताया कि नशे की दवाइयों के सौदागर रात के अंधेरे में यहां पहुंचते हैं और नशे के सरगनाओं को बिना बिल यह दवाइयां बेच देते हैं। उन्होंने युवाओं के अभिभावकों से आह्वान किया है कि वे अपने बच्चों का समय-समय पर मार्गदर्शन करें। अभिभावकों की जागरुकता से ही युवाओं को नशों से दूर रखा जा सकता है।
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कोट्स
रात के अंधेरे में इन दवाओं का कारोबार हो रहा है। उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश से यहां दवाएं पहुंच रही है। प्रदेश में नकली दवाओं की खेप भी पहुंच रही है। इन दवाओं का केंद्र ठियोग और छैला है। रामपुर में अलग से ड्रग इंस्पेक्टर की तैनाती का मुद्दा भी उठाया गया और सरकार से सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद है।
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विद्या सेन नेगी, ड्रग इंस्पेक्टर
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