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Rampur Bushahar News: महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल दस डॉक्टरों के पद खाली, उपचार के लिए भटक रहे लोग

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चार जिलों से अस्पताल पहुंच रहे मरीज झेल रहे दिक्कतें, रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली होने से नहीं हो रहे अल्ट्रासाउंड
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अस्पताल में 31 चिकित्सकों के पद स्वीकृत, 22 दे रहे सेवाएं,

सुभाष सेन

रामपुर बुशहर। कोरोना महामारी के दौर में रामपुर के महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में अभूतपूर्व सुधार हुए, लेकिन अस्पताल अभी भी डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। चार जिलों से रोजाना उपचार के लिए हजारों लोग खनेरी अस्पताल का रुख करते हैं लेकिन डॉक्टरों की कमी मरीजों पर भारी पड़ रही है। आने वाले वर्ष 2024 में भी अस्पताल आने वाले मरीजों की दुश्वारियां समाप्त होने की कोई उम्मीद नहीं है। गौर हो कि रामपुर का महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में रोजाना शिमला, किन्नौर, कुल्लू और मंडी जिले से रोजाना 1,200 मरीज अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचते हैं। हजारों मरीजों की सुविधा को देखते हुए अस्पताल में डॉक्टरों के 31 पद स्वीकृत किए गए हैं, लेकिन अस्पताल में अभी दस पद खाली चल रहे हैं। इस वजह से कई विभागों का कार्य सुचारू रूप से नहीं चल रहा है। ऐसे में मरीजों को उपचार के लिए शिमला या चंडीगढ़ की दौड़ लगानी पड़ रही है। वर्तमान समय में अस्पताल में 21 डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं। इसमें रेडियोलॉजिस्ट, महिला रोग विशेषज्ञ, चर्मरोग विशेषज्ञ सहित अन्य डॉक्टरों के पद खाली चल रहे हैं। डॉक्टरों के रिक्त पदों के कारण अस्पताल में तैनात चिकित्सकों पर काम का बोझ बढ़ गया है। सबसे अधिक परेशानियां गर्भवती महिलाओं को पेश आ रही हैं। अस्पताल में रोजाना करीब तीन सौ महिलाएं उपचार के लिए आती हैं, लेकिन उनकी सुविधा के लिए केवल एक ही महिला रोग विशेषज्ञ है। इससे महिला रोग विशेषज्ञ पर कार्य का अधिक बोझ है तो वहीं महिलाओं को उपचार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।
निशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा से वंचित गर्भवती महिलाएं
अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से अल्ट्रासाउंड टेस्ट नहीं हो रहे हैं। इस वजह से गर्भवती महिलाएं सरकार की ओर से मिलने वाली निशुल्क टेस्ट की सुविधा से भी वंचित हैं। मजबूरी में महिलाओं को निजी लैब में महंगे दाम पर टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। इससे सबसे अधिक परेशानी गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों से संबंधित गर्भवती महिलाओं को पेश आ रही है जो कि इतने महंगे टेस्ट करवाने में असमर्थ हैं।
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कोट्स
अस्पताल में रिक्त पड़े डॉक्टरों के पदों को लेकर सरकार और स्वास्थ्य विभाग से समय-समय पर पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अस्पताल में रिक्त पदों को सरकार जल्द भरेगी।
डॉ. प्रकाश डरोच, एमएस, खनेरी अस्पताल
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