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Rampur Bushahar News: शहर में निकली भव्य शोभायात्रा, देवताओं का मिलन देख भाव-विभोर हुए लोग

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पारंपरिक वेशभूषा में सजकर ग्रामीणों ने लगाई नाटी, फाग मेले में पहली बार 27 देवी-देवताओं ने की शिरकत
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर का जिलास्तरीय फाग मेला सदियों से अपनी अनूठी पहचान बनाए हुए है। देव आस्था के प्रतीक मेले में देवताओं का भव्य मिलन और देवधुनों पर चलने वाली नाटी आकर्षण का मुख्य केंद्र रहती हैं। फाग मेले में पहली बार जब एकसाथ 27 देवी-देवता भाग ले रहे हैं। मेले के दूसरे दिन रामपुर शहर में देवी-देवताओं की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। ढोल, नगाड़ों और रणसिंघों की धुनों पर देवलू और देवता के साथ आए लोगों ने नाचते गाते हुए मुख्य बाजार से नेशनल हाईवे पांच होते हुए राज दरबार परिसर तक शोभायात्रा निकाली। यहां राज दरबार और साथ लगते स्थानों से सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग देवताओं के आने का इंतजार कर रहे थे। दिनभर लोग पारंपरिक वेशभूषओं में सजधज कर नाटी डालते हुए नजर आए। हजारों की संख्या में लोग राजदरबार परिसर में एकत्र हुए और दिनभर नाटियों का दौर चलता रहा। मेले में देवताओं के मिलन का भव्य नजारा देखकर पूरा क्षेत्र देवमयी हो गया तो वहीं लोग भाव विभोर हो उठे। मेले को लेकर सबसे अधिक रूचि महिलाओं को देखी गई। पुरुषों की अपेक्षा मेले में महिलाओं की अधिक संख्या रही। शाम तक मेले में लोग देवधुनों पर थिरकते रहे। देवताओं के साथ आए देवलू और महिलाओं ने कुल्लुवी वेशभूषा में ढीली नाटी लगाकर खूब रंग जमाया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर ग्रामीणों ने खूब नाटी लगाई। मेले में जिला कुल्लू के 13 और जिला शिमला के 14 देवी-देवता भाग ले रहे हैं। वहीं नगर परिषद की ओर से मेला मैदान को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। शाम के समय यहां का नजारा भी देखते ही बनता है। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी डॉ. वरुण शर्मा ने बताया कि देवी-देवताओं की अधिक संख्या के बावजूद मेला कमेटी की ओर से मेले का व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा रहा है।
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- ये देवी-देवता ले रहे फाग मेले में भाग

फाग मेले में इस वर्ष जिला शिमला के देवता साहिब काजल गसोह, बसाहरा के दत्त महाराज, देवता साहिब दोगणु, यज्ञेश्वर महाराज, झारू नाग, देवता साहिब दमुख, देवता साहिब छोटू, देवता साहिब कालेश्वर छिज्जा, देवता साहिब खंटू बिलाडू खूंद, लैलन के देवता साहिब डोम, देवता साहिब पलथान शोली, टुटू से देवता साहिब वनवीर, कलेडा से देवता थानेश्वर और जिला कुल्लू के धारासरगा के देवता साहिब झाकणू नाग, आनी से देवता खुड्डीजल महाराज, सूमा के देवता साहिब नार सिंह, डमैहली के देवता साहिब नगेला, कशोली के देवता चंभू, मां दुर्गा देवी साहिबा बाड़ी, चाटी के देवता साहिब डाबर कुंडू, दशोटी सराहन से पांच वीर महासू, ठारला से देवता साहिब लंकड़ावीर, गांवबील से जय मां श्राईकोटी दुर्गा माता, शलाट से देवता साहिब कृषि मारकंण्डेय, झलैर बागा सराहन देवता साहिब पांच वीर, देवता साहिब मड़ेलू भदराल भाग ले रहे हैं। इन देवी देवताओं के साथ उपस्थित रहे।
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