सार
शिमला जिले के रामपुर बुशहर क्षेत्र में भालू के हमले की एक और घटना सामने आई है। मशनू पंचायत के 64 वर्षीय नरम लाल हस्टा रविवार सुबह बगीचे में भेड़-बकरियों के लिए घास लेने गए थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे भालू ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमले में उनके सिर, मुंह और टांगों पर गंभीर चोटें आईं।
जंगल और आबादी के बीच बढ़ती भालुओं की आवाजाही अब ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है। रामपुर बुशहर के मशनू पंचायत में रविवार सुबह बगीचे में काम करने पहुंचे एक बुजुर्ग पर भालू ने अचानक हमला कर दिया। हमले में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें उपचार के लिए शिमला रेफर करना पड़ा।
मशनू गांव निवासी नरम लाल हस्टा (64) रविवार सुबह रोजाना की तरह अपने बगीचे की ओर गए थे। बताया गया कि वह भेड़-बकरियों के लिए घास लेने के उद्देश्य से वहां पहुंचे थे। करीब सुबह 9:30 बजे जब वह बगीचे में काम कर रहे थे, तभी झाड़ियों में छिपे भालू ने अचानक उन पर हमला कर दिया।
झाड़ियों से निकला भालू और अचानक कर दिया हमला
बुजुर्ग को संभलने का मौका भी नहीं मिला। भालू ने उन पर हमला कर दिया। हमले में उनके सिर, मुंह और टांगों पर गंभीर चोटें आईं। हमले के दौरान नरम लाल के चीखने की आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। लोगों के पहुंचने के बाद भालू वहां से जंगल की तरफ भाग गया। ग्रामीणों ने घायल बुजुर्ग को बगीचे से सड़क तक पहुंचाया और निजी वाहन से उन्हें महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल ले गए।
खनेरी से आईजीएमसी शिमला किया रेफर
खनेरी अस्पताल में घायल को प्राथमिक उपचार दिया गया। चोटों की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें आगे के उपचार के लिए आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया। घटना के बाद मशनू और आसपास के इलाकों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि दिन के समय बगीचे में काम करने जा रहे व्यक्ति पर भालू हमला कर सकता है तो सुबह और शाम खेतों की ओर जाना और भी जोखिम भरा हो सकता है।