रामपुर बुशहर। उपमंडल की किन्नू पंचायत में बनी कोटागाड़ परियोजना की मनमानी से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों और कंपनी के बीच हुए करारनामे के बावजूद परियोजना प्रबंधन ग्रामीणों को उनके नुकसान की भरपाई नहीं कर रहा है। इसी मुद्दे को लेकर वीरवार को गुस्साए ग्रामीणों ने एसडीएम रामपुर सुरेंद्र मोहन को ज्ञापन सौंपा और नुकसान की बकाया राशि अदा करने की गुहार लगाई। वहीं, ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन को चेताते हुए कहा कि यदि जल्द समस्या को दूर नहीं किया गया तो ग्रामीण लामबंद होकर परियोजना का कार्य बंद कर देंगे।
प्रभावित सुरेश चंद, रूप लाल, बहादुर सिंह, मान सिंह, ठाकुर सिंह, चेतराम, राम देवी, गोपी चंद, अनिश कुमार, केवल राम, मंगला देवी, दौलत राम, मंगत राम सहित कई अन्य ग्रामीणों ने कहा कि किन्नू पंचायत में साढ़े तीन मेगावाट की कोटागाड़ परियोजना का निर्माण किया गया है। यहां ढेउ गांव में राज्य विद्युत परिषद लिमिटेड की बिजली की लाइन बनी है, उस लाइन के ऊपर से कोटागाड़ परियोजना ने अपनी बिजली की लाइन बिछा दी और इस लाइन में खराबी फॉल्ट होने के कारण 19 मई 2019 को ढेउ गांव के करीब दो दर्जन से अधिक लोगों के घरों के बिजली उपकरण टीवी, फ्रिज, वॉयरिंग, बल्ब, सेब के पेड़ और घास आदि जल गए थे। जब यह घटना हुई तो उस समय मौके पर बिजली बोर्ड का लाइनमैन मौजूद था और उसके बाद कनिष्ठ अभियंता ने भी मौके का निरीक्षण संबंधित कंपनी के अधिकारियों के साथ किया, लेकिन कंपनी उस समय नुकसान की भरपाई के लिए राजी नहीं हुई। इस घटना की शिकायत समस्त ग्रामीणों ने शाहधार में हुए जनमंच में एसडीएम से की थी और उन्होंने इस पर संज्ञान लेने की बात कही थी। उसके बाद तीन जुलाई को फिर से कंपनी की लाइन में खराबी होने से ग्रामीणों को नुकसान पहुंचा। इसके बाद कंपनी प्रबंधन और बिजली बोर्ड के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और नुकसान का आकलन किया। इस संदर्भ में कंपनी ने लिखित में नुकसान का मुआवजा दो लाख पांच हजार सात रुपये 14 जुलाई तक अदा करने का वादा किया था। लेकिन, कंपनी ने केवल 1,27000 रुपये ही अदा किए और बाकि की राशि अदा करने में आनाकानी की जा रही है। इसी कड़ी में ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर बकाया मुआवजे की राशि दिलवाने की गुहार लगाई है।
एसडीएम सुरेंद्र मोहन ने बताया कि करारनामा के अनुसार कंपनी प्रबंधन को एक सप्ताह में बकाया राशि देने का निर्देश जारी कर दिया है।