संवाद न्यूज एजेंसी
करसोग (मंडी)। सुकेत रियासत की ऐतिहासिक नगरी पांगणा उपतहसील की सुई-कुफरीधार पंचायत के गीहनाग देवता को अर्पित काटल मेले की सांस्कृतिक संध्या में लोक गायक हनी नेगी ने नाटियों से से समां बांधा। उन्होंने एक से बढ़कर एक नाटी डालकर सभी का खूब मनोरंजन किया। सबसे पहले उन्होंने देवता गीहनाग को प्रणाम और गायन शुरू किया। अपने संगीत और नृत्य के साथ हनी नेगी ने पहले श्री गणेश वंदना से अपनी प्रस्तुति शुरू की। फिर शीलुए-शीलूए लागा बोले नाटी रा झुलारा, लाड़ी सरजुए साठ बोले पैड़ी सवाणा पांगणे बेहड़े दे, म्हारे बोले हेड़िया शुकरू मेटा, तेरा-मेरा प्यार अड़िए बचपनो रा, कुछ भी न देखो तीन्हे, डूबा नी जो प्यारा दा, मिलणे ते ज्यादा मजा इंतोजार दा, हाथो संजना नवे बोलो बंगलो रे शीशे, तू रहयो बाला बणाओदे, नहीं चोड़े मेरा जीऊ, ता बोले मेरी साजना, हामा लागा तेरे दांदो रा चाओ, हास मेरी बालमा और प्यारी सरला नाटियों से देर रात तक दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। कार्यक्रम का संचालन रश्मि ठाकुर, उत्तम शर्मा, हंसराज शर्मा ने किया। सुइं-कुफरीधार पंचायत के प्रधान और मेला समिति के अध्यक्ष कामेश्वर शर्मा ने बताया कि सांस्कृतिक संध्या में मुख्य अतिथि के रूप में कारोबारी उधम सिंह ठाकुर उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक संध्या में आनंद अनु और मुस्कान ने जमाया रंग
सांस्कृतिक संध्या में कट्वाहची पंचायत के आनंद अनु ने अपने गानों से खूब प्रशंसा बटोरी। राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पांगणा की छात्रा और उभरती हुई गायिका मुस्कान, छंडयारा के किशोरी लाल के लोकगीत, सुन्नी शिमला के हास्य कलाकार चेतराम कलसी की हास्य प्रस्तुति की भी दर्शकों ने खूब सराहना की।