प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना-तीन के स्पेसिफिकेशन के अनुरूप नहीं बन रही सरस्वतीनगर-झड़ाशली सड़क
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। डबल लेन सड़क की आस में बैठे शराचली क्षेत्रवासियों को झटका लगा है। जुब्बल तहसील के शराचली क्षेत्र को जोड़ने वाली सरस्वतीनगर-झड़ाशली सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के फेज-3 के तहत शुरू हो गया है, लेकिन मार्ग का निर्माण सवालों के घेरे में आ गया है। 25 किलोमीटर लंबी सरस्वतीनगर-झडाशली सड़क का निर्माण 15 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है। शराचली क्षेत्र के लोगों को उम्मीद थी कि मार्ग डबल लेन बनेगा, लेकिन सिर्फ सड़क के चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। डीपीआर में सड़क की चौड़ाई के साथ टारिंग भी कम ली गई है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के फेज-3 की स्पेसिफिकेशन के अनुसार सड़क की टारिंग 3.75 मीटर होनी चाहिए। इसी हिसाब से सड़क का चौड़ीकरण भी होना था, लेकिन सड़क की टारिंग घटाकर 3.05 मीटर रखी गई है, जो मार्ग पर पूर्व की गई टारिंग के समान ही है।
सरस्वतीनगर-झड़ाशली सड़क के साथ साथ अंटी-सभाड़ और पटसारी- खड़ापत्थर सड़क का निर्माण भी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के फेज-3 में किया जा रहा है। इन सड़कों की टारिंग स्पेसिफिकेशन के अनुरूप 3.75 मीटर ही है। केवल सरस्वतीनगर-झड़़ाशली सड़क ही स्पेसिफिकेशन के अनुरूप नहीं बन रही है। इस बारे में में क्षेत्रवासी मंत्री रोहित ठाकुर से भी मिले थे, लेकिन सड़क की टारिंग की स्पेसिफिकेशन को दुरुस्त नहीं किया जा सका है। सड़क से क्षेत्र की सात पंचायतों के हजारों लोग लाभान्वित होते हैं। अब सवाल उठता है कि अगर सड़क पर पूर्व की तरह ही टारिंग का कार्य किया जाना है, तो पहले से हुई टारिंग को उखाड़ने की जरूरत क्या है? जब प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के फेज-3 के तहत बन रही क्षेत्र की अन्य सड़कों की डीपीआर में टारिंग की स्पेसिफिकेशन 3.75 मीटर रखी गई है, तो सरस्वतीनगर-झड़ाशली मार्ग पर टारिंग को क्यों घटाया गया?
डीपीआर में सड़क पर की जाने वाली टारिंग स्पेसिफिकेशन से कम है। मामले को उच्च अधिकारियों को ध्यान में लाया गया है, लेकिन अभी तक मामले में किसी भी अतिरिक्त कार्य करने की स्वीकृति नहीं मिली है। - तरसेम भावटा, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग