एक को चंडीगढ़ और दूसरे को मोहाली से दबोचा
राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब और चंडीगढ़ तक फैला था सिंडिकेट
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। पुलिस ने दो अलग-अलग जगह कार्रवाई करते हुए दो अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दोनों मामलों में नेटवर्क के सरगनाओं को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में इन सिंडिकेटों का नेटवर्क राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब और चंडीगढ़ तक फैला होने का खुलासा हुआ है।
पहले मामले में पुलिस ने 15 मार्च को रोहड़ू में गश्त के दौरान सार्थक सूद (29) से नौ ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया था। मामले की जांच के दौरान मोबाइल कॉल डिटेल, व्हाट्सएप चैट, बैंक खातों और यूपीआई लेनदेन का विश्लेषण किया गया। जांच में उत्तर प्रदेश निवासी अमित गुप्ता की संलिप्तता सामने आने पर उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह राजस्थान के चुरू निवासी वासु उर्फ हर्ष सिंघानिया के साथ चिट्टा तस्करी नेटवर्क चला रहा था। पुलिस ने 15 जुलाई को वासु उर्फ हर्ष सिंघानिया को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया।
जांच में पता चला कि 15 मार्च को बरामद नौ ग्राम चिट्टा की आपूर्ति के एवज में वासु के बैंक खाते में 18 हजार रुपये जमा किए गए थे। वहीं, सह-आरोपी अमित गुप्ता ने उसके खाते में करीब 3.50 लाख रुपये हस्तांतरित किए थे। पुलिस के अनुसार, पिछले छह महीनों में वासु के खाते में 14 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा हुई, जबकि उसके पास आय का कोई वैध स्रोत नहीं मिला। पुलिस अब उसकी कथित अवैध संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है।
दूसरे मामले में 3 जुलाई को कोटखाई के हुल्ली क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान एक वाहन से करीब 64 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। इस मामले में रक्षित चौहान, राहुल शर्मा और लवली शर्मा को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्यों और कॉल डिटेल के विश्लेषण से पता चला कि बरामद चिट्टा मोहाली निवासी अमित महेव से खरीदा था।
आरोपी की तलाश में पुलिस की विशेष टीम पंजाब पहुंची। मोबाइल फोन बंद रखने और लगातार ठिकाने बदलने के बावजूद पुलिस ने तकनीकी निगरानी, डिजिटल साक्ष्यों और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर 18 जुलाई को अमित महेव को मोहाली से गिरफ्तार कर लिया।
मादक पदार्थ गिरोहों की जड़ तक पहुंचने पर फोकस
पुलिस का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल मादक पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क और उससे जुड़े अवैध आर्थिक तंत्र को ध्वस्त करना है। इसी दिशा में नेटवर्क की पिछली और आगे की कड़ियों की जांच लगातार जारी है।
पुलिस के अनुसार इस वर्ष अब तक 58 मुख्य सरगना गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि 48 अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क ध्वस्त किए गए हैं। पुलिस ने इसे नशा मुक्त समाज की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।