वर्षों से फार्मासिस्ट, नर्स और हेल्थ वर्कर के पद रिक्त
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ग्रामीणों को उपचार के लिए जाना पड़ता है 25 से 60 किलोमीटर दूर
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किनौर के पूह खंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ज्ञाबुंग में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। लंबे समय से स्टाफ की कमी चल रही है, जिससे हजारों ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को उपचार के लिए करीब 25 से 60 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्ञाबुंग एक मात्र चिकित्सक के हवाले है। अप्रैल 2022 से फार्मासिस्ट का पद खाली चल रहा है। वर्ष 2004 से स्टाफ नर्स, वर्ष 2010 से मेल और फीमेल हेल्थ वर्कर का पद रिक्त चल रहा है। पीएचसी से पूह खंड की तीन पंचायतों के हजारों लोगों को लाभ मिलता है। रिक्त पदों के कारण सुनम पंचायत के शयासो, ज्ञाबुंग पंचायत के तालिंग और रूशकुलंग गांव और रोपा पंचायत के हजारों लोग उपचार के लिए परेशानियां झेल रहे हैं। मरीजों को पीएचसी ज्ञाबुंग से पूह करीब 25 किलोमीटर और रिकांगपिओ करीब 60 किलोमीटर दूर उपचार के लिए पहुंचना पड़ रहा है। जिला परिषद सदस्य मूरंग वार्ड बिमला देवी नेगी, जिला परिषद सदस्य पूह वार्ड शांता कुमार नेगी, प्रधान ज्ञाबुंग पंचायत ज्ञान सिंह नेगी, भाजपा मंडल अध्यक्ष पूह सुभाष छोरगया, हीरा सैन नेगी, धर्मप्रकाश नेगी और हरि पालमो नेगी ने कहा कि स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को समस्याएं पेश आ रही हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से जल्द से जल्द रिक्त पदों को भरने की मांग उठाई है, ताकि हजारों लोगों को घरद्वार उपचार की सुविधा मिल सके।
रिक्त पदों का मामला सरकार के ध्यान में है। समय-समय पर उच्चाधिकारियों और सरकार को पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है जल्द ही सरकार रिक्त पदों को भरेगी। - डॉ. विनोद नेगी, कार्यवाहक बीएमओ पूह