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बजट : दुग्ध उत्पादक और पेंशनर खुश, बागवान निराश

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प्रदेश वन ​विकास निगम के पूर्व उपाध्यक्ष एंव भाजपा नेता सूरत नेगी। जागरूक पाठक
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किन्नौर, रामपुर और आनी के लोगों ने दी बजट पर प्रतिक्रिया
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर/रिकांगपिओ/ नित्थर। सुक्खू सरकार ने सोमवार को अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश किया। बजट को लेकर लोगों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। जहां महिलाओं, पेंशनरों, कर्मचारियों और दूध उत्पादकों ने बजट की सराहना की है, वहीं किसानों-बागवानों में निराशा है। सरकार की ओर से दूध के दाम में 6 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी किए जाने से आनी विधानसभा क्षेत्र के दुग्ध उत्पादक बेहद खुश हैं। आनी क्षेत्र प्रदेश के कुल दुग्ध उत्पादन में 25 प्रतिशत का योगदान देता है। यहां अधिकतर महिलाएं दुग्ध व्यवसाय से जुड़ी हैं। क्षेत्र की मंजू शर्मा, आशा देवी, भागीरथी और किरणा सहित कई महिलाओं कहा कि यह बढ़ोतरी दुग्ध उत्पादकों के लिए फायदेमंद होगी।

1. किन्नौर की महिला रेशमी नेगी ने कहा कि बजट में सरकार ने एक लाख किसानों को प्राकृतिक खेती के अंतर्गत लाने की घोषणा की है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास और ग्रीन हिमाचल के उद्देश्य से वन क्षेत्र में पौधरोपण कार्यक्रम को नया स्वरूप दिया जाना सराहनीय कदम है। इससे लोगों का जीवन यापन करना आसान होगा।
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2. भारतीय स्टेट बैंक से सेवानिवृत्त अधिकारी टीएस किन्नर ने कहा कि बजट में बेरोजगारों के लिए रोजगार का उचित मार्गदर्शन और ठोस नीति नहीं है। सरकार को ठोस नीति बनानी चाहिए। इस बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की योजना सराहनीय है।
3. नित्थर की दूध उत्पादक महिला विपना ठाकुर ने बताया कि गाय के दूध की कीमत 45 से बढ़ाकर 51 रुपये और भैंस के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 55 से बढ़ाकर 61 रुपये करने की घोषणा से दुग्ध उत्पादकों को राहत मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं इस बजट से खुश हैं। ग्रामीणों की आर्थिकी का मुख्य साधन बागवानी और दूध उत्पादन है।
4. नित्थर के पेंशनर खेम चंद ने बताया कि प्रथम चरण में 70 से 75 वर्ष के सभी पेंशनरों को एरियर का पूरा भुगतान कर दिया जाना सराहनीय है। इसके अलावा 3 फीसदी महंगाई भत्ता देने की घोषणा पेंशनरों के लिए राहत देने वाला बजट है।
5 बागवान प्रदीप रंगनू ने बताया कि इस बजट से क्षेत्र के किसानों-बागवानों के कोई राहत नहीं मिली है। न तो खाद और न स्प्रे ऑयल की कीमतों में कमी हुई है। बागवानों के लिए इस बजट में सिर्फ निराशा मिली है l

राजनीति नेताओं ने कहा

1. प्रदेश वन विकास निगम के पूर्व उपाध्यक्ष एवं भाजपा नेता सूरत नेगी ने बताया कि बजट जनता को लुभाने वाला है। किन्नौर में भाजपा सरकार के दौरान चलाए गए विभिन्न कामों को इस बजट में दिखाया है। कांग्रेस सरकार करोड़ों के ऋण में डूबी हुई है, तो सब्सिडी के लिए रुपये कहां से दे पाएगी। यह बजट सच्चाई से कोसों दूर है। इस बजट को हवाई बजट भी हर कहा जा सकता है
2. किन्नौर के हांगरंग वेली का जिला परिषद सदस्य एवं भाजपा नेता शांता नेगी ने बताया कि ईको टूरिज्म नीति को किन्नौर क्षेत्रों के वातावरण और मैदानी क्षेत्रों के साथ नहीं जोड़ना चाहिए। जनजातीय वर्गों के लिए अलग से प्रावधान किया जाना चाहिए। इस बजट में मुख्यमंत्री पर्यटन स्टार्ट अप योजना तभी लागू होगी, जब जनजातीय क्षेत्रों में रियायती दरों पर युवाओं को ऋण मिल सके।
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3. भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश कोषाध्यक्ष मोनू भारद्वाज ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के बजट को विकासविहीन और असंतुलित बताया है। उन्होंने कहा कि इस बजट से बढ़ते राजकोषीय घाटे, वित्तीय कुप्रबंधन और महंगाई के दबाव से आम जनता और उद्योगों पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा। उन्होंने बजट की सबसे बड़ी खामी के रूप में राजकोषीय अनुशासन की कमी को बताया।

प्रदेश वन विकास निगम के पूर्व उपाध्यक्ष एंव भाजपा नेता सूरत नेगी। जागरूक पाठक

प्रदेश वन विकास निगम के पूर्व उपाध्यक्ष एंव भाजपा नेता सूरत नेगी। जागरूक पाठक

प्रदेश वन विकास निगम के पूर्व उपाध्यक्ष एंव भाजपा नेता सूरत नेगी। जागरूक पाठक

प्रदेश वन विकास निगम के पूर्व उपाध्यक्ष एंव भाजपा नेता सूरत नेगी। जागरूक पाठक

प्रदेश वन विकास निगम के पूर्व उपाध्यक्ष एंव भाजपा नेता सूरत नेगी। जागरूक पाठक

प्रदेश वन विकास निगम के पूर्व उपाध्यक्ष एंव भाजपा नेता सूरत नेगी। जागरूक पाठक

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