रचोली पंचायत से लेकर एनएच-पांच से लगती पंचायतों के क्षेत्र होंगे शामिल
एनएच से सटी पंचायतों के क्षेत्रों में बेतरतीब और बिना नक्शे के निर्माण पर लगेगा अंकुश
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर में नगर एवं ग्राम नियोजन क्षेत्र (टीसीपी) का दायरा बढ़ाया जाएगा। रामपुर में नेशनल हाईवे-पांच के साथ सटी पंचायतों को टीसीपी के शामिल किया जाएगा। इसे लेकर जुलाई में पंचायतों की ग्राम सभाओं में विभाग के प्रतिनिधि ग्रामीणों को टीसीपी की योजना और लाभ-हानि के बारे में जागरूक करेंगे। टीसीपी एक्ट के तहत शहरी क्षेत्र के साथ लगते इलाकों में नगर एवं ग्राम नियोजन क्षेत्र का दायरा बढ़ाने की सख्त आवश्यकता है। इससे बेतरतीब और नक्शों को पास किए बिना भवनों के निर्माण पर अंकुश लगेगा। बुधवार को रामपुर में टीसीपी को लेकर सातवें वित्तायोग अध्यक्ष नंद लाल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में नगर योजनाकार प्रियंका भंडारी ने बताया कि रामपुर की विकास योजना 2017 में बनी थी। सरकार के निर्देशानुसार अब रामपुर में टीसीपी का दायरा बढ़ाया जाना प्रस्तावित है। खासकर, नेशनल हाईवे-पांच के साथ सटी रचोली, शिंगला, भड़ावली, दत्तनगर और नीरथ पंचायतों के क्षेत्र टीसीपी में शामिल किए जाएंगे। वर्तमान में इन क्षेत्रों में अनियंत्रित विकास और बेतरतीब भवन निर्माण के कारण लोगों की समस्याएं बढ़ गई हैं। नगर एवं ग्राम नियोजन के तहत व्यवस्थित निर्माण प्रक्रिया, सीवरेज और अन्य योजना के सही कार्यान्वयन के लिए इन पंचायतों के कुछ क्षेत्र शामिल होने जरूरी हैं। बैठक में संबंधित पंचायतों के प्रधान और प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग टीसीपी के दायरे में आने के पक्ष में नहीं हैं। सातवें वित्तायोग अध्यक्ष नंद लाल ने विभाग को निर्देश दिए कि पंचायत वार ग्रामीणों को टीसीपी एक्ट, इसकी योजनाएं, लाभ और हानि के बारे में जागरूक किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पंचायतों के मोहाल के मुताबिक जो नक्शे तैयार किए गए हैं, उसमें चयनित इलाके और क्षेत्र को जोड़ने और हटाने के बारे में ग्राम सभाओं में चर्चा होगी। जहां जरूरी है, उस क्षेत्र को शामिल किया जाना चाहिए। साथ ही जो ग्रामीण इलाके इसमें शामिल हो रहे हैं, उसमें लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए। ग्राम सभाओं के जरिये चयनित होने क्षेत्रों का नक्शा और डिर्माकेशन सुनिश्चित की जाएगी।
जुलाई में ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को करेंगे जागरूक
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग रामपुर की सहायक नगर योजनाकार प्रियंका भंडारी ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य बेतरतीब भवन निर्माण पर नियंत्रण करना और लोगों की सुविधाओं को टीसीपी एक्ट के तहत सुनिश्चित करना है। विभाग के अधिकारी जुलाई में पंचायतों की ग्राम सभाओं में भाग लेकर टीसीपी एक्ट, इसके लाभ और योजनाओं के बारे में ग्रामीणों को जागरूक करेंगे। इस मौके पर तहसीलदार रामपुर परीक्षित भांडिया, दत्तनगर पंचायत प्रधान राजेंद्र ठाकुर, शिंगला पंचायत प्रधान राज कुमार, नीरथ पंचायत उप प्रधान प्रेम सिंह चौहान, राजेश लारजू सहित अन्य मौजूद रहे।
ये क्षेत्र होंगे शामिल
सहायक नगर योजनाकार रामपुर प्रियंका भंडारी ने बताया कि रामपुर योजना क्षेत्र पहले 660 हेक्टेयर क्षेत्र में लागू है और इस सीमा को बढ़ाकर 3047 हेक्टेयर करने का प्रस्ताव है। इसमें रचोली, खनेरी, नगर परिषद रामपुर के वार्ड एक, दो और पदमनगर, शिंगला, दरशाई, कलना, दत्तनगर, नोगली, भद्राश और नीरथ के राजस्व मोहाल शामिल हैं।
बेतरतीब भवनों के निर्माण से बढ़ने लगीं समस्याएं
रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में बेतरतीब भवन निर्माण से हजारों लोगों की समस्याएं बढ़ गई हैं। भवन निर्माण के दौरान सेटबैक न छूटने, रास्तों की सही व्यवस्था न होने से पंचायतों में समस्याएं बनी हुई हैं। अब तक रामपुर टीसीपी का दायरा नगर परिषद रामपुर और साडा क्षेत्र सराहन तक सीमित था, लेकिन अब नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और एमडीआर सड़कों के किनारे भवन और अन्य निर्माण धड़ल्ले से हो रहे हैं। बिना नक्शे के हो रही ये निर्माण लोगों की परेशानी का सबब बन गए हैं। ऐसे में लोगों को रास्तों, निकासी, सीवरेज प्रणाली जैसी सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। यदि टीसीपी एक्ट के तहत इन इलाकों में भवन और अन्य निर्माण होता है, तो हजारों लोगों की समस्याएं दूर हो पाएंगी। टीसीपी क्षेत्र के दायरा भले ही अब बढ़ाया जा रहा हो, लेकिन यदि यह कार्य वर्षों पूर्व होता तो आज लोगों को समस्याएं न झेलनी पड़तीं।
टीसीपी की बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते सातवें वित्तायोग अध्यक्ष नंद लाल। संवाद