रामपुर बुशहर। प्रदेश के चार जिलों के हजारों मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाले महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में करीब 1.5 करोड़ रुपये की लागत ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार हो गया है। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने में यह प्लांट अहम भूमिका निभाएगा। प्लांट में एक मिनट में करीब एक हजार लीटर ऑक्सीजन बनकर तैयार होगी। इससे अस्पताल में अब ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं रहेगी।
कोरोना महामारी का दौर शुरू होने के बाद देश और प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। इसके तहत प्रदेश के शिमला, कुल्लू, किन्नौर और मंडी जिलों के हजारों मरीजों को सुविधा देने वाले खनेरी अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट की सुविधा उपलब्ध हुई है। एक हजार की ओपीडी वाले खनेरी अस्पताल में जहां पहले ऑक्सीजन की खासी कमी महसूस की जा रही थी।
वहीं कोरोना संक्रमण के अस्तित्व में आने के बाद यहां ऑक्सीजन की खासी किल्लत महसूस की गई है। इसके बाद यहां ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण किया गया। प्लांट से अस्पताल के कोविड केयर वार्ड सहित 200 बिस्तरों तक ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। बीते दिनों स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त मॉक ड्रिल कर ऑक्सीजन प्रणाली का जायजा भी लिया था। प्लांट में ऑक्सीजन का बहाव जो सुबह 9 बजे दर्ज किया गया है, वही बहाव दोपहर को तीन बजे भी दर्ज किया गया। ऐसे में अब खनेरी अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं रहेगी।
अस्पताल में अब कोई भी मरीज ऑक्सीजन की किल्लत से नहीं जूझेगा। हालांकि प्लांट का लोकार्पण होना शेष है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इस प्लांट का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह प्लांट ऊपरी शिमला में अब तक केवल रामपुर और रोहडू़ में ही स्थापित किए गए हैं। प्लांट हवा की ऑक्सीजन को शुद्ध कर प्लांट के भीतर पहुंचाता है, जहां से इसे विभिन्न वार्डों तक लाया जाता है। प्लांट स्वयं हवा में बहने वाली ऑक्सीजन को एकत्रित करेगा।
खनेरी अस्पताल के पीएस प्लांट के नोडल इंचार्ज डॉ. गुमान ने कहा कि करीब 1.5 करोड़ रुपये की लागत से ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार हुआ है। प्लांट में एक मिनट में एक हजार लीटर ऑक्सीजन तैयार हो सकती है। अस्पताल पहुंचने वाले हजारों मरीजों को इसका लाभ मिलेगा।